नयी दिल्ली :पाकिस्तान के एनएसए सरताज अजीज के कश्मीर अलगाववादियों से मिलने की जिद से भारत व पाकिस्तान के बीच दो दिन बाद होने वाली एनएसए स्तर की वार्ता पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं.पाकिस्तान व अलगाववादियों के अडियल रुख के बाद आज एक बार फिर सरकार ने अलगाववादी नेताओं के घरों पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है. प्रमुख अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख, शब्बीर शाह, यासीन मल्लिक के घर पर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया है. वहीं, बताया गया है कि मीरवाइज व शब्बीर शाह अनंतनाग जा रहे हैं. हालांकि इन प्रमुख अलगाववादी नेताओं की नजरबंदी के बावजूद इस आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता है कि इनके प्रतिनिधि बन कर दूसरी पांच के नेता नयी दिल्ली पाक दूतावास न पहुंच जायें.
अगर पाकिस्तान ने अपने रवैये में बदलाव नहीं लाया, तो यह अहम बैठक खटाई में भी पड सकती है. उधर, अलगाववादी नेता शब्बीर शाह ने कहा है कि वे 23 अगस्त की शाम वे सरताज अजीज से मिलेंगे.शब्बीर शाह ने कहा कि कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र की बैठक में शामिल होने सितंबर में जायेंगे, वहां भी इस मुद्दे पर बात होना चाहिए.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता काजी खलीलुल्लाह ने कहा है कि कश्मीरी नेताओं से मुलाकात एक सामान्य बात है. उन्होंने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता से पहले कश्मीर के नेताओं से मिलना व बात करना सामान्य बात है. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने में 70 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया गया है और हम इसका विरोध कर रहे हैं. हालांकि पाकिस्तान ने शांति व सौहार्द्र का राग अलापते हुए कहा कि एलओसी पर शांति चाहते हैं. खलीलुल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है.
