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Home National सर्वदलीय बैठक में नहीं बनी बात, विपक्ष ने मांगा सुषमा-चौहान और राजे का इस्‍तीफा

सर्वदलीय बैठक में नहीं बनी बात, विपक्ष ने मांगा सुषमा-चौहान और राजे का इस्‍तीफा

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सर्वदलीय बैठक में नहीं बनी बात, विपक्ष ने मांगा सुषमा-चौहान और राजे का इस्‍तीफा

नयी दिल्ली :मॉनसून सत्र के एक दिन पहले संसद भवन में सर्वदलीय बैठक हुई. इस बैठक में हिस्सा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र से पूर्व सर्वदलीय बैठक में कहा कि हमें भूमि विधेयक पर आगे बढना चाहिए. प्रधानमंत्री ने सभी दलों के नेताओं से कहा कि सरकार को संसद चलाने की पहल करनी होगी और जिम्मेदारी लेनी होगी लेकिन इस जिम्मेदारी को सभी को साझा करना होगा. संसद का बहुत महत्व है और इसका उपयोग सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए किया जाना चाहिए. सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएमसी का कोई सांसद या नेता इस बैठक में नहीं पहुंचा. सपा नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि भूमि विधेयक पर संशोधनों से सपा सहमत नहीं, समाधान तब ही संभव जब सरकार इन्हें वापस ले. वहीं खबर है कि बसपा भी सरकार को इस बिल पर समर्थन दे सकती है.

संसद सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी दलों ने आग्रह किया कि वे देशहित को ध्यान में रखते हुए पिछले सत्र में चर्चा किये गए मुद्दों पर मिलकर आगे बढें.संसद में भूमि विधेयक, जीएसटी विधेयक और रियल इस्टेट विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधायी कार्यो के लंबित होने के बीच सरकार ने सर्वदलीय बैठक में सभी दलों से इसे जल्द से जल्द पारित कराने में सहयोग मांगा. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है और इसके 13 अगस्त को समाप्त होने की संभावना है.

कांग्रेस और दलों ने सत्र के हंगामेदार होने के संकेत दिये है. कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल ललित मोदी प्रकरण में सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे का नाम जुडने के कारण इन्हें हटाये जाने और व्यापमं घोटाले के मद्देनजर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ यह समय है कि हमें सभी पक्षों की राय को समाहित करते हुए भूमि विधेयक के मुद्दे पर आगे बढना चाहिए। हमें इस मुद्दे पर सकारात्मक रुप से आगे बढना चाहिए।’’ मोदी ने कहा कि संसद का मानसून सत्र छोटा है और इसलिए इस समय का सदुपयोग महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने में किये जाने की जरुरत है और सरकार इसके लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘ कई ऐसे बाह्य मंच है जहां विभिन्न मुद्दों पर सघन चर्चा की गई है. मानसून सत्र छोटा है, इसलिए संसद के समय का सदुपयोग चर्चा करने में किया जाना चाहिए जो प्रासंगिक और महत्वपूर्ण हों.’’ प्रधानमंत्री ने नेताओं से कहा कि संसद का काफी महत्व है और इसका सदुपयोग सभी मुद्दों पर चर्चा करने में किया जाना चाहिए और सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है.

सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, जदयू, सपा, बसपा, राजद, अन्नाद्रमुक, द्रमुक और वामदलों के अलावा राजग के विभिन्न सहयोगी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक में तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं आया. उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने कल सुषमा, वसुंधरा और शिवराज को हटाने की ‘न्यूनतम कार्रवाई’ करने की मांग करते हुए संसद में सुचारु रुप से कामकाज चलाने की जिम्मेदारी सरकार पर डाल दी थी. वहीं भाजपा ने कांग्रेस एवं विपक्ष के संभावित प्रहारों का पुरजोर तरीके से जवाब देने का निर्णय किया है जिससे संसद सत्र के हंगामेदार होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है.

सरकार पर निशाना साधते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि संसद में कामकाज सुचारु रुप से चलाना और महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना भाजपा के लिए तब आसान हो जायेगा अगर वह इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करती है और इससे भाजना को अपनी छवि सुधारने में भी मदद मिलेगी जो इन कथित घोटालों के कारण प्रभावित हुई है.

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