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Home National याकूब मेमन ने जब खुद की जिंदगी की तुलना दीवार फिल्म से की थी, जानिए उससे जुडी कुछ अहम बातें

याकूब मेमन ने जब खुद की जिंदगी की तुलना दीवार फिल्म से की थी, जानिए उससे जुडी कुछ अहम बातें

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याकूब मेमन ने जब खुद की जिंदगी की तुलना दीवार फिल्म से की थी, जानिए उससे जुडी कुछ अहम बातें
मुंबई :बात आज से कोई नौ साल पुरानी है, जब अदालत में पेशी के दौरान याकूब मेमन ने अपनी कहानी की तुलना दीवार फिल्म से की थी. याकूब ने कहा था मेरी मां यहां बीमार होने के बावजूद आयी हैं. मालूम हो कि मशहूर हिंदी फिल्म दीवार दो भाइयों की कहानी है, जिसमें एक भाई का चरित्र अभिनीत करने वाले अमिताभ बच्चन अपराध की दुनिया में प्रवेश कर जाते हैं और दूसरे भाई शशि कपूर एक ईमानदार पुलिस इंसपेक्टर बन जाते हैं. और, दोनों भाइयों के बीच की विषम परिस्थिति में उनकी मां पीसती है. याकूब मेमन ने उस समय किसी का हवाला देते हुए कहा था कि … वो सच कहते थे कि तुम गांधीवादी करोगे और सब के सब टेरेरिस्ट बन जाओगे. 13 साल लग गये है समझने में.
दरअसल याकूब मेमन ने यह बात मुंबई धमाके होने और 257 लोगों की जान जाने के लिए खुद को आरोपी बनाये जाने के 13 साल बाद कही थी. अब याकूब मेमन की कहानी परिणति पर पहुंच चुकी है. जैसी की मीडिया में खबर आयी है कि उसे 30 जुलाई को मुंबई हमले के आरोप में फांसी की सजा दी जायेगी, तो एक बार फिर वह भारतीय मीडिया की सुर्खी बन गया है.
उल्लेखनीय है कि इसी साल सुप्रीम कोर्ट ने याकूब अब्दुल रज्जाक मेमन की मौत की सजा से छूट संबंधी याचिका को खारिज कर दिया था. उसे भारतीय दंड संहिता के तहत स्पेशल टाडा अदालत ने मौत की सजा सुनायी थी. अब खबर है कि उसका डेथ वारंट निकल चुका है और 30 जुलाई को उसे फांसी दी जा सकती है.
पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट है याकूब मेमन
याकूब मेमन उच्च शिक्षित शख्स है और पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट है. टाइगर मेमन का यह छोटा भाई शानदार अंगरेजी बोलता है. वह अपने परिवार का सबसे ज्यादा पढा-लिखा हुआ शख्स है. 12 मार्च, 1993 मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाके, जिसमें 257 लोग मारे गये थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे, वह उस आतंकी हमले का मुख्य आरोपी है.
मालूम हो कि मुंबई में दिसंबर 1992 से जनवरी 1993 तक जबरदस्त दंगा हुआ था. उसके बाद मार्च में सिलसिलेवार बम विस्फोट का ऐसा जलजला हुआ, जिसमें मुंबई उबर नहीं सकी.
चर्चित पुलिस अफसर राकेश मारिया ने किया था खुलासा
दरअसल, मेमन परिवार के ट्रेरर लिंक का खुलासा मुंबई के चर्चित पुलिस अधिकारी राकेश मारिया ने किया था. उन्होंने एक लावारिश व संदिग्ध मारुति 800 कार को दक्षिण मध्य मुंबई के वर्ली इलाके से स्थानीय पुलिस के माध्यम से जब्त किया था. इस कार का रजिस्ट्रेशन रुबिना मेमन के नाम पर था, जो उसके परिवार की सदस्य हैं.
बाद में राकेश मारिया ने मेमन परिवार के फ्लैट पर छापामारी की थी, जिसमें उन्होंने उस परिवार के ट्रेरर लिंक के कुछ अहम सुराग मिले. उन्होंन विस्फोटकों से लदा एक वाहन भी जब्त किया था.
मुंबई विस्फोट मामले में 190 लोगों को आरोपी बनाया गया था. इसमें लगभग 100 पर आरोप सिद्ध हो गया. इस पूरे मामले में लगातार सीबीआइ ने 3000 लोगों की गवाही पर अपनी पडताल को आगे बढाया. गवाहों व सबूतों के आधार पर इस मामले में दाउद इब्राहिम, टाइगर मेमन व अन्य को मुख्य अभियुक्त बनाया गया. पर, बाद में वे पाकिस्तान चले गये और भूमिगत हो गये.
बाद में याकूब मेमन भारत आया और उसके गिरफ्तार किया गया. सीबीआइ ने उसे पांच अगस्त 1994 को गिरफ्तार किया. लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे फांसी की सजा सुनायी गयी और अब खबर है कि उसका डेथ वारंट भी निकाला जा चुका है.
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