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आज व्यापम घोटाले की सीबीआइ से जांच कराने पर मुहर लगा सकता है हाईकोर्ट

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आज व्यापम घोटाले की सीबीआइ से जांच कराने पर मुहर लगा सकता है हाईकोर्ट

नयी दिल्ली/भोपाल:व्यापमं घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने पर महत्वपूर्ण फैसला 9 जुलाई तक आनाहै. इस मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और तीन व्हिस्लब्लोअह की याचिका पर सुनवाई होगी. कल शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह एलान किया था कि इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए मैं हाई कोर्ट को सीबीआई जांच की अनुशंसा के लिए एक अनुरोध पत्र लिखूंगा.प्राप्त जानकारी के अनुसार आज व्यापम घोटाले की सीबीआइ से जांच कराने पर हाईकोर्ट मुहर लगा सकता है.

पत्रकारों को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, मैंने रात भर इस पूरे मामले के विषय में सोचता रहा और अंतत: इस मामले पर पहुंचा कि इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए.

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाये गये व्यापमं घोटाले को कवर करने वाले टीवी पत्रकार अक्षय सिंह के विसरा नमूने और उतकों की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए तीन सदस्यीय बोर्ड का गठन किया है. बोर्ड सदस्यों में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. आदर्श कुमार, प्रोफेसर डॉ. एम तबीन और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर शशांक पुनिया हैं. सभी एम्स के फारेंसिक विभाग के हैं. वहीं, व्यापमं मामले में चारों ओर से दबाव के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपने पुराने रख से पलटते हुए इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा तफ्तीश कराने की मंजूरी मांगने का फैसला किया और आज ही उच्चतम न्यायालय ने इस संबंध में याचिकाओं पर सुनवाई करने की सहमति जताई.

एम्स सूत्रों के मुताबिक विसरा नमूने सीएफएसएल दिल्ली भेजे जाने की उम्मीद है जबकि उतकों की हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच एम्स में ही होगी. सूत्रों ने कहा, इसके दो हिस्से हैं. संभावना है कि विसरा नमूने (आंतरिक अंग) को टोक्सीकोलोजिकल विश्लेषण के लिए सीएफएसएल दिल्ली भेजे जाएंगे. जबकि, हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच एम्स में ही होगी. दिन में मध्य प्रदेश के झाबुआ से आयी पुलिस टीम ने विसरा नमूने एम्स के विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता को सौंप दिया.

गुजरात में दाहोद जनरल हॉस्पिटल द्वारा किये गए पोस्टमार्टम के मुताबिक उनके शरीर में भीतर और बाहरी जख्म के निशान नहीं मिले. हालांकि, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने मौत के कारणों पर अपनी राय सुरक्षित रख ली जिसके बाद नमूने को दिल्ली लाया गया. व्यापक पैमाने पर नामांकन और भर्ती घोटाले में मृत पाई गई एक लड़की के अभिभावकों का झाबुआ में साक्षात्कार करने के बाद टीवी पत्रकार की भी रहस्यमयी परिस्थितियों में शनिवार को मौत हो गई थी. पत्रकार को सिविल अस्पताल ले जाया गया और फिर उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन चिकित्सक उन्हें नहीं बचा सके. वहां से उन्हें गुजरात के दाहोद में एक दूसरे अस्पताल में ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था.

वहीं, व्यापमं मामले में दबाव में आये शिवराज ने सीबीआई जांच की सिफारिश की. चौहान द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा किये जाने के बाद राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से प्रवेश तथा भर्ती से जुड़े इस बड़े घोटाले के मामले में सीबीआइ जांच के लिए निर्देश देने का आग्रह किया. मुख्यमंत्री ने जहां सीबीआइ से जांच कराने के संबंध में अचानक घोषणा करके लोगों को हैरानी में डाल दिया वहीं मामले के एक आरोपी की सेहत को लेकर आशंकाएं हैं जो फिलहाल जेल में है.

मामले के मुख्य आरोपी पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के ओएसडी ओ पी शुक्ला को डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती करने की जरुरत नहीं बताई और उन्हें छुट्टी दे दी गयी. शर्मा और शुक्ला दोनों जेल में हैं. भोपाल सेंट्रल जेल के अधीक्षक ने बताया कि शुक्ला मस्क्युलर डायस्ट्रोफी, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीडित हैं. पिछले कुछ दिनों में व्यापमं से जुड़े लोगों की एक के बाद एक मौत के मामलों पर विपक्ष के तीखे हमले और जनता के आक्रोश से घिरे चौहान ने उच्च न्यायालय से सीबीआई जांच की सिफारिश करने के फैसले का ऐलान किया.

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