नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे युवा मंत्री स्मृति ईरानी को नरेंद्र मोदी ने शिक्षा विभाग का जिम्मा तो दे दिया, लेकिन शुरू से ही स्मृति की शिक्षा पर विपक्षी सवाल उठाते रहे हैं. फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जीतेंद्र तोमर के जेल जाने के बाद स्मृति पर विपक्ष का फिर से निशाना शुरू हो गया है. आइये जानते हैं स्मृति ईरानी क्यों हैं इतने विवाद में और नरेंद्र मोदी की विरोधी रही स्मृति कैसे बनीं प्रधानमंत्री की मुंहबोली बहन –
स्मृति ईरानी का जन्म 23 मार्च 1976 को दिल्ली में हुआ और उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में ही शिक्षा ग्रहण की. उन्होंने 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद से पैसा कमाना शुरू कर दिया था.कहते है कि कक्षा 12 तक अध्ययन के बाद उन्होनें आगे की शिक्षा बंद कर दी थी. वे आज तक अपनी शैक्षिक योग्यता के परस्पर विरोधी हलफनामों को प्रदान कर रही हैं.
