नयी दिल्ली : योग में यदि कुछ बदलाव कर लिए जाएं तो मुसलमानों को इससे कोई दिक्कत नहीं होगी, ऐसा कहना है जमियत उलेमा-ए-हिन्द के नेता मौलाना महमूद मदनी का. हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि योग को एक विशेष रंग देने का प्रयास किया जा रहा है और इसी कारण दिक्कतें पैदा हो रही हैं.
एक निजी टीवी के कार्यक्रम आप की अदालत में मदनी ने रजत शर्मा से कहा, हम मुसलमानों को योग से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन कुछ शब्द हैं जिनमें सुधार की जरुरत है. शारीरिक व्यायाम और जीवन पद्धति के रुप में योग के बहुत लाभ है, लेकिन इसे एक विशेष रंग दिया जा रहा है जो सही नहीं है. योग को किसी धर्म विशेष से नहीं जोडा जाना चाहिए.
चैनल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मदनी ने कहा, यदि कुछ बदलाव कर लिए जाएं तो, ज्यादा से ज्यादा लोग योग करना शुरु कर देंगे. यह देश के लोगों को एकजुट करने का माध्यम भी बन सकता है.सूर्य नमस्कार से संबंधित अपनी चिंताओं को विस्तार से बताते हुए मदनी ने कहा, सूर्य को भगवान मानना इस्लाम के मूल सिद्धांत के खिलाफ है. इसे सरकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.
मौलाना मदनी ने कहा कि उन्होंने खुद लंबे समय तक शारीरिक व्यायाम के तौर पर सूर्य नमस्कार किया है और यदि कुछ बदलाव कर लिए जाएं तो मुसलमानों के पास शिकायत करने की कोई वजह ही नहीं बचेगी.