नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एक बार फिर भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर खुलकर मैदान में उतर गये हैं. गडकरी भूमि अधिग्रहण पर विपक्ष के द्वारा उड़ाये जा रहे धूल को साफ करने में लगे हैं. कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियां भूमि अधिग्रहण में कई कमियां गिना रही है.वहीं, दूसरी ओर विपक्ष उन्हें जब-तब पूर्ति ग्रुप से संबंधों के मुद्दे पर घेरती रहती है.
सदन से लेकर सड़क तक विपक्ष इसी मुद्दे के दम पर अपने खोये जनाधार को समेटने में लगा है. वही गडकरी एक मात्र ऐसे नेता है जो मीडिया से लेकर जनसभा और रैलियों में विपक्ष को चुनौती देते नजर आ रहे हैं. लेकिन गडकरी के लिए यह राह आसान नहीं है, पिछले दिनों सदन में पेश हुई कैग की रिपोर्ट में गडकरी की कंपनी पूर्ति ग्रुप पर ऋण में अनियमितता के आरोप लगे. इन आरोपों के बाद गडकरी को सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच सफाई देनी पड़ी. आइये समझते हैं कि आखिर कैग की रिपोर्ट में ऐसा क्या था जिसके कारण गडकरी विपक्ष के घेरे में आ गये.
