कारपोरेट जासूसी मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा
नयी दिल्ली: कारपोरेट जासूसी मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को आज 17 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जरुरत नहीं है जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा.तीन आरोपी लोकेश शर्मा, जितेन्द्र नागपाल और विपिन कुमार की पुलिस हिरासत समाप्त […]
नयी दिल्ली: कारपोरेट जासूसी मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को आज 17 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. दिल्ली पुलिस ने कहा कि हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जरुरत नहीं है जिसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा.तीन आरोपी लोकेश शर्मा, जितेन्द्र नागपाल और विपिन कुमार की पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत में पेश किया गया.मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सतीश कुमार अरोडा ने कहा, आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है. उन्हें 17 मार्च को पेश कीजिए.
नोएडा की एक कंसल्टेंसी कंपनी के लोकेश शर्मा, वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव के पीएस जितेन्द्र नागपाल और संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य के पीए विपिन कुमार को अदालत ने तिहाड जेल भेज दिया. अपराध शाखा के अधिकारियों ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग नहीं की.
आरोपियों के वकील ने भी अदालत के समक्ष कहा कि उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाए. संक्षिप्त सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के दौरान सात और लोगों के नाम सामने आए लेकिन उनके खिलाफ कुछ भी ठोस नहीं पाया गया और जांच अब भी जारी है.
पुलिस ने कहा, हमने छह से सात और संदिग्धों से पूछताछ की है लेकिन उनके खिलाफ कुछ भी ठोस नहीं पाया गया, इसलिए हमने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया. अदालत ने जब यह पूछा कि क्या मंत्रालय के कुछ कर्मियों के खिलाफ और सूचना है तो जांच एजेंसी ने कहा कि और कुछ नहीं पाया गया है.
लोकेश के वकील ने दावा किया कि इस मामले में अभियोजन के दस्तावेज ठीक नहीं थे और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की. बहरहाल अदालत ने उनसे मुद्दे पर उपयुक्त आवेदन दायर करने को कहा.दिल्ली पुलिस ने लोकेश को 23 फरवरी को गिरफ्तार किया था और दावा किया था कि कोयला, उर्जा एवं अन्य मंत्रालयों के संवेदनशील दस्तावेज उससे बरामद किए गए.
