असम हिंसा : मरने वालों की संख्या 78 पहुंची, गृहमंत्री बोले- यह मात्र विद्रोह नहीं आतंकी घटना है

गुवाहाटी : असम में एनडीएफबी (एस) के हमले तथा बदले की हिंसा में आज मरने वालों की संख्या 78 पहुंच गई. बदले की कार्रवाई के तहत आदिवासियों द्वारा बोडो समुदाय के घरों को आग लगाने की घटनाएं जारी हैं.... इस घटना की निंदा करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 25, 2014 2:33 PM

गुवाहाटी : असम में एनडीएफबी (एस) के हमले तथा बदले की हिंसा में आज मरने वालों की संख्या 78 पहुंच गई. बदले की कार्रवाई के तहत आदिवासियों द्वारा बोडो समुदाय के घरों को आग लगाने की घटनाएं जारी हैं.

इस घटना की निंदा करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बहुत ही शर्मनाक घटना है. सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है. यह मात्र विद्रोह नहीं यह एक आतंकी घटना की तरह है.उन्होंने कहा जिस प्रकार हमने आतंक के खिलाफ जीरो टालरेंस की पॉलिसी लागू की है. उसी के तहत इनघटनाओं को रखा गया है.

एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बुरी तरह से प्रभावित हुए सोनितपुर जिले से आज सुबह छह और शव बरामद किए गए हैं. यह शव जिले की अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगते जिनजिया थाने के मैटालु बस्ती से बरामद किए गए हैं. इसी के साथ जिले में एनडीएफबी :एस: के हमले में मरने वालों की संख्या 43 हो गई है जबकि हमले में कुल 71 लोगों की मौत हुई है.

नरसंहार के विरोध में कल किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में तीन आदिवासियों की मौत हुई थी. कोकराझार अन्य जिला है जो बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. यहां पर आदिवासियों द्वारा की गई बदले की हिंसा में मानिकपुर और दिमापुर इलाके में चार बोडो लोग मारे गए. उग्रवादियों द्वारा कोकराझार इलाके में 25 लोगों और चिरांग जिले में तीन लोगों की हत्या की थी. उन्होंने बताया कि कोकराझार के गौसेगांव इलाके से आज सुबह ताजा हिंसा होने की खबरें हैं. पूरे जिले में अनिश्चितकालीन कफ्यरू लगे होने के बावजूद आदिवासियों ने बोडो के घरों में आग लगा दी.

प्रवक्ता ने कहा कि एहतियाती कदम उठाते हुए ढुबरी और बक्सा जिलों के हिस्सों सहित प्रभावित जिले सोनितपुर और चिरांग जिले में कफ्यरू लगा दिया गया है. केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने राज्य मंत्री किरण रिजिजू के साथ आज सोनितपुर जिले के बिश्वनाथ चरियाली इलाके में मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के लिए दौरा किया और विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के साथ बातचीत भी की. वे देर रात यहां पहुंचे और उन्होंने मुख्यमंत्री तरुण गगोई के साथ बैठक की.