टिकट के पैसे वापस करने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता रेलवे : उपभोक्ता फोरम

नयी दिल्ली : एक उपभोक्ता फोरम ने कहा कि रेलवे टिकट का पैसा वापस करने की अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है और मंच ने रेलवे के उत्तरी जोन को उस शख्स को दो हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है जिसका टिकट रद्द करने के बाद भी उसे धन वापस नहीं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 21, 2014 12:21 PM

नयी दिल्ली : एक उपभोक्ता फोरम ने कहा कि रेलवे टिकट का पैसा वापस करने की अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता है और मंच ने रेलवे के उत्तरी जोन को उस शख्स को दो हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है जिसका टिकट रद्द करने के बाद भी उसे धन वापस नहीं किया गया था.

सीके चतुर्वेदी की अध्यक्षता वाले नयी दिल्ली जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम ने उत्तर रेलवे को दक्षिण दिल्ली निवासी सुशील कुमार गोयल को 2,140 रुपये देने का निर्देश दिया है, जिसने अपना प्रतीक्षा सूची का टिकट रद्द करा लिया था लेकिन उसे टिकट का पैसा वापस नहीं मिला.
मंच ने कहा कि रेलवे टिकट का पैसा वापस करने की अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता. अगर प्रतीक्षा सूची का टिकट पक्का नहीं किया जा सका है तो यह जिम्मेदारी दूसरे पक्ष (रेलवे) की है कि वह टिकट का पैसा वापस करे. टिकट के पैसे का भुगतान नहीं करना सेवा में दोष को दर्शाता है.
इसने रेलवे को टिकट का पैसा 1140 रुपये और किराया का भुगतान नहीं करने से हुए उत्पीड़न के लिए 1,000 रुपये बतौर मुआवजा देने का निर्देश दिया है.
गोयल ने मंच को बताया कि उसने 26 मई 2012 को दिल्ली के सराय रौहिल्ला से जम्मू तवी जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस में प्रतीक्षा सूची में टिकट बुक कराया था.