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”लखवी अब भी पाकिस्तानी जेल में है”

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”लखवी अब भी पाकिस्तानी जेल में है”

नयी दिल्ली :2008 में मुंबई में हुए हमलों के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक जकी-उर रहमान लखवी को एक आतंकवाद निरोधी अदालत से जमानत मिलने के बावजूद वह अभी भी पाकिस्तानी जेल में बंद हैं.डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, लखवी को इस्लामाबाद की एक अदालत ने कल जमानत दे दी थी लेकिन उसे ‘मेंटेंनेस ऑफ पब्लिक आर्डर’ के तहत रावलपिंडी की अडियाला जेल में हिरासत में रखा गया है.

अभियोजन ने कहा कि सरकार लखवी की जमानत को लाहौर हाई कोर्ट में चुनौती देगी.अदालत ने 54 वर्षीय लखवी की जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया और न्यायाधीश कौसर अब्बास जैदी ने 10 लाख रुपये की जमानत पर उसे छोडने का आदेश दिया था.

लखवी उन सात लोगों में शुमार है जिनपर नवंबर 2008 में हुए मुंबई हमलों की साजिश रचने और हमलों में मदद करने का आरोप है.इन हमलों में 166 लोग मारे गए थे.इनमें लखवी सहित सातों आरोपी अब्दुल वाजिद मजहर इकबाल, हम्माद अमीन सादिक, शाहिद जमील रियाज, जमील अहमद और युनिस अंजुम रालवपिंडी की अडियाला जेल में मुकदमे का सामना कर रहे हैं.

हमले के वक्त माना जाता है कि लखवी प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संचालक प्रमुख के तौर पर काम कर रहा था, जिसपर भारत ने अपनी आर्थिक राजधानी पर हमले करने का आरोप लगाया है.लखवी और जर्रार शाह हमले के कथित तौर पर मुख्य साजिशकर्ता हैं.

26/11 आतंकी हमले के प्रमुख आरोपी आतंकी जकी उर रहमान लखवी की जमानत पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी जिसके बाद पाकिस्तान सरकार ने अपनी गलती मानी. इस फैसले को पाक सरकार चुनौती देगी. पाकिस्तान सरकार लकवी को जमानत के खिलाफ लाहौर हाईकोर्ट में अपील करेगी

भारत कड़ी प्रतिक्रिया के बाद पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ के दफ्तर ने बयान जारी करके कहा है कि तकनीकी गलती की वजह से लखवी को जमानत मिल गयी है. पाकिस्तान सरकार लखवी की जमानत का विरोध करेगी. अदालत के इस फैसले के खिलाफ अपील की जायेगी.

मंजूर नहीं फैसला : भारत

भारत ने कहा है कि लखवी को दी गयी जमानत उसे मंजूर नहीं है. विदेश मंत्रलय पाकिस्तान स्थित अपने दूतावास के साथ मिल कर जवाब देने की तैयारी में है.राजनीतिक गलियारे में भी इस पर तीखी प्रतिक्रि याएं आयी हैं. पाक पर आतंकियों को पनाह देने के आरोप लगे है. विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता अकबरुद्दीन ने कहा, ‘लखवी को जमानत देना उन आतंकवादियों के लिए एक तरह से भरोसा देना है जो ऐसे जघन्य अपराध करते हैं. आतंकवाद को लेकर सिलेक्टिव रवैया नहीं होना चाहिए.’ उन्होंने कहा, हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि मुंबई हमलों की योजना पाकिस्तान में बनी थी, लोगों को वहां प्रशिक्षण मिला, पैसा भी मिला था. ये पाक सरकार की जिम्मेदारी है वो सबूत उपलब्ध कराये. 99} सबूत पाकिस्तान में ही हैं.

भारत ने जतायी कड़ी आपत्ति

मुंबई हमले के प्रमुख षडयंत्रकर्ता जकीउर रहमान लखवी को जमानत दिए जाने पर पाकिस्तान के समक्ष ‘कडी आपत्ति’ जताते हुए भारत ने कहा है कि यह रिहाई आतंकी समूहों से बिना किसी झिझक एवं भेदभाव के लडने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता को एक मजाक बनाकर रख देगी.विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, ‘बार-बार स्थगन, निलंबन और संबंधित न्यायिक अधिकारियों या गवाहों की अनुपस्थिति की कहानी कई बार सुनाई जा चुकी है और इसके दोहराने की जरुरत नहीं है. जकीउर रहमान को जमानत देने के लिए कल उठाया गया यह कदम इस पूरी कहानी को एक अलग स्तर पर ले गया है.’

उन्‍होंने कहा कि हमने कूटनीतिक माध्यमों के जरिए इस मुद्दे पर पाकिस्तान के समक्ष हमारी कडी आपत्ति और भारतीय समाज की भावनाएं प्रेषित कर दी हैं कि इससे पाकिस्तान की उस प्रतिबद्धता का मजाक बनेगा, जिसके तहत उसने बिना किसी झिझक और भेदभाव के आतंकी समूहों से लडने की बात कही थी. लखवी उन सात पाकिस्तानी नागरिकों में से एक है जिनपर 2008 के मुंबई हमले की योजना बनाने और इसमें सहयोग देने के आरोप हैं. इस हमले में विदेशियों समेत कुल 166 लोग मारे गए थे.

अमेरिका की ओर से आतंकी करार दिए गए 54 वर्षीय लखवी को रावलपिंडी की एक अदालत द्वारा जमानत दिए जाने पर कडी प्रतिक्रिया जताते हुए भारत ने कल पाकिस्तान से कहा कि आतंकवाद के प्रति कोई चयनात्मक रवैया नहीं हो सकता। भारत ने अपनी बात पर जोर देते हुए पाकिस्तान से कहा कि आतंकियों के साथ कभी कोई समझौता नहीं किया जा सकता.

ये हैं सात गुनहगार

लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी, अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, सादिक शाहिद जमील रियाज, जामिल अहमद और यूनस अंजुम. इन सबको साल 2009 में मुंबई हमलों के आरोप में पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था. सभी पर हमले की योजना बनाना, वित्तीय मदद पहुंचाना और हमले को अंजाम देने का आरोप है. पाक ने माना था कि मुंबई हमलों की साजिश पाकिस्तान की ही जमीन पर रची गयी.

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