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कभी राज्य में भी मंत्री नहीं रहे रामकृपाल अब हो गये मंत्रिमंडल में शामिल

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कभी राज्य में भी मंत्री नहीं रहे रामकृपाल अब हो गये मंत्रिमंडल में शामिल

नयी दिल्ली : किसी जमाने में हर अच्छे बुरे दौर और सुख दुख में लालू प्रसाद के बेहद करीबी रहे और राजद प्रमुख के ‘‘हनुमान’’ कहलाने वाले रामकृपाल यादव के लिए लोकसभा चुनाव से पूर्व बगावत कर भाजपा में शामिल होना किसी वरदान से कम नहीं रहा और आज नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद यह वरदान फलीभूत हो गया.

रामकृपाल यादव ने बिहार की पाटलीपुत्र सीट से लालू की बेटी मीसा भारती को हराया था. इससे पूर्व केंद्र की तो बात ही छोड दीजिए वह कभी राज्य में भी मंत्री नहीं बने थे लेकिन आज उन्हें मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल कर लिया गया.
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में रामकृपाल को शामिल किए जाने को भाजपा की अगले साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व लालू प्रसाद के यादव वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति के रुप में देखा जा रहा है. बिहार में यादव समुदाय वोटों में 12 फीसदी से अधिक की भागीदारी रखता है और यह अब तक खुद को लालू प्रसाद के साथ चिन्हित करता आया है. लेकिन भाजपा ने हालिया लोकसभा चुनाव में लालू के इस मजबूत वोट बैंक में सेंध लगा दी है जहां उसने प्रधानमंत्री की चाय बेचने वाले और पिछडा वर्ग से होने की छवि को बेहद सफल तरीके से पेश किया.
पाटलीपुत्र से राजद द्वारा टिकट से इंकार किए जाने के बाद रामकृपाल अपने ‘‘गुरु’’ से अलग हो गए थे. वह भले ही भाजपा से पहली बार सांसद बने हों लेकिन चुनावी राजनीति में वह नौसिखिए नहीं हैं.मई 2014 के आम चुनाव के जरिए उन्होंने लोकसभा में चौथी बार प्रवेश किया है. पिछले तीन चुनाव उन्होंने राजद के टिकट पर जीते थे.
रामकृपाल यादव का राजनीतिक कैरियर काफी लंबा रहा है लेकिन उन्हें कभी मंत्री नहीं बनाया गया. न तो बिहार में और न ही केंद्र में. हालांकि राजद संप्रग का हिस्सा थी और उसकी पार्टी से आधा दर्जन मंत्री थे. जमीनी स्तर से उठे रामकृपाल यादव 1992 से 93 के बीच पटना नगर निगम में उप मेयर रहे और 1993 से 1996 के बीच विधान परिषद के सदस्य भी रहे. 12 अक्तूबर 1957 को बिहार की राजधानी पटना में पैदा हुए रामकृपाल यादव का बचपन काफी मुश्किलों भरा रहा था. उनके पिता के निधन के कारण उन्हें काफी दुश्वारियों का सामना करना पडा. वह मगध विश्वविद्यालय से ग्रेज्यूट होने के साथ ही एलएलबी डिग्रीधारी हैं. 1983 में उनका विवाह किरण देवी से हुआ था. उनके दो बेटे और एक बेटी हैं.
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