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Home National अगर हावर्ड से पढ़ा होता, तो कर्मचारियों को इतना बोनस नहीं देताः सावजीभाई

अगर हावर्ड से पढ़ा होता, तो कर्मचारियों को इतना बोनस नहीं देताः सावजीभाई

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अगर हावर्ड से पढ़ा होता, तो कर्मचारियों को इतना बोनस नहीं देताः सावजीभाई

नयी दिल्लीः सूरत के हीरा व्यापारी सावजीभाई ढोलकिया की दरियादिली की चर्चा पूरे देश में हो रही है. हरिकृष्णा एक्सपोर्ट के चैयरमैन सावजीभाई ने दिवाली पर जिस तरह अपने 1200 कर्मचारियों को बोनस दिया सावजीभाई चर्चा का केंद्र बन गये. इन्होंने 525 कर्मचारियों को 3.5 लाख रुपए की हीरे की जूलरी दी. 200 कर्मचारियों को दो कमरे के फ्लैट दिए और 491 कर्मचारियों को गिफ्ट में कार दिए .

सावजीभाई ने कहा कि अगर वह ज्यादा पढ़े लिखे होते, तो शायद इस तरह के कदम नहीं उठाते उन्होंने बताया कि मैंने जीवन में कभी पढ़ाई नहीं की. हम अपने अनुभवों से रोज पढ़ाई करते हैं. ढोलकिया ने 12 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी वह सिर्फ चार क्लास तक पढ़े हैं. हम चारों भाई मिलकर डायमंड इंडस्ट्री में आए. मेरा छोटा भाई सबसे ज्यादा पढ़ा है. उन्होंने कहा कि मैं हार्वड से पढ़कर आता तो शायद इतनी दरियादिली नहीं होती.
उन्होंने अपने चारों भाईयों के साथ मिलकर 1991 में अपने एक करोड़ रुपए की रकम से यह व्यापार शुरु किया था. आज उनका व्यापार 6000 करोड़ रूपये का हो गया है. उन्होंने कहा मैंने जीरो से शुरुआत की थी अब भगवान की कृपा से इस मुकाम पर पहुंचा हूं. यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने अपने कर्मचारियों को इतना बड़ा तोहफा बोनसे के रूप में दिया है इससे पहले भी सावजीभाई अपने कर्मचारियों को कार दे चुके हैं. उन्होंने बताया कि जब उनका व्यापर एक करोड़ का था जब भी उन्होंने अपने कर्मचारियों को काट बांटी थी.
सावजीभाई ढोलकिया अपने कर्मचारियों के साथ उनके परिवार वालों का भी विशेष ध्यान रखते हैं. उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ व्यापर नहीं करता मैं सोशल बिजनेस करता हूं. सभी के व्यापार का तरीका अलग – अलग होता है कई व्यापारी पहेल काम लेते हैं फिर पैसे देते हैं मैं पहले पैसे देता हूं फिर काम लेता हूं. मेरा मानना है कि पैसा पहले देने से जिम्मेदारी बढ़ती है.
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