[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National जयललिता की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 6 अक्टूबर को

जयललिता की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 6 अक्टूबर को

0
जयललिता की जमानत याचिका पर सुनवाई अब 6 अक्टूबर को

बेंगलुरु:आय से अधिक संपत्ति‍ के मामले में जेल में बंद जे जयललिता की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है. अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी. अन्नाद्रमुक सुप्रीमो के वकील ने सोमवार को जमानत के लिए कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख किया. उनका केस फेमस वकील राम जेठमलानी लड़ेंगे.

गौरतलब है कि शनिवार को बेंगलुरु के एक अदालत ने उन्हें चार साल की सजा और 100 करोड़ को जुर्माना लगाया था. अदालत के इस फैसले के बाद जय‍ललिता को जेल भेज दिया गया था. इसके बाद उन्हें सीएम की कुर्सी छोड़नी पडी. हाई कोर्ट में 29 सितंबर से छह अक्तूबर तक छुट्टी रहेगी इसलिए इस मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में होगी.

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि किसी भी सांसद या विधायक को दो वर्ष से अधिक की सजा सुनायी जाती है और दोषी करार दिया जाता है, तब वे स्वत: ही अयोग्य हो जायेंगे. इस फैसले से पूर्व जन प्रतिनिधित्व कानून की धारा 8:4 के तहत निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को अयोग्य ठहराये जाने से तब संरक्षण प्राप्त था, अगर वे उच्च अदालत में तीन महीने के भीतर अपील करते हैं. इसे उच्चतम न्यायालय ने निरस्त कर दिया.

जयललिता के मुख्‍यमंत्री पद से हटने के बाद उनके विश्‍वास पात्र ओ पन्नीरसेल्वम को तमिलनाडु की कमान सौंप दी गई है. उन्होंने कल ही मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली. इस दौरान उनकी आंखें नम थी. यह जयललिता का पहला मामला नहीं इससे पहले भी वह 12 से ज्यादा केस लड़ चु‍कीं हैं. 2001 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी जयललिता को अपने पद का त्याग करना पड़ा था. उस वक्त भी उन्होंने पन्नीरसेल्वम को सीएम की कुर्सी पर बैठाया था.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel