चुमार में चीनी सेना ने गाड़े सात तंबू,टकराव के हालात बरकरार

लेह/नयी दिल्ली: चुमार इलाके में चीनी सैनिकों की घुसपैठ जारी है. इस इलाके में 100 चीनी सैनिकों को एक बार फिर देखा गया जिसके बाद से तनाव की स्थिति बरकरार है. रविवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सीमा में अपने सात तंबू गाड़ दिये.... चीनी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 22, 2014 8:15 AM

लेह/नयी दिल्ली: चुमार इलाके में चीनी सैनिकों की घुसपैठ जारी है. इस इलाके में 100 चीनी सैनिकों को एक बार फिर देखा गया जिसके बाद से तनाव की स्थिति बरकरार है. रविवार को उस वक्त नया मोड़ ले लिया, जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सीमा में अपने सात तंबू गाड़ दिये.

चीनी राष्‍ट्रपति के भारत दौरे के समय के पहले से यह तनाव जारी है हालांकि दौरे के बाद जब शी जिंनपिंग वापस जा रहे थे तो चीनी सैनिकों के भी नरमी के संकेत मिले थे. अब वे एक बार फिर सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा करने में जुट गये हैं. सरकारी सूत्रों ने कहा कि शनिवार को गाड़ियों पर सवार होकर लेह से 300 किलोमीटर दूर चुमार में आये चीनी सैनिकों ने भारतीय थलसेना की ओर से इलाके को खाली करने की चेतावनी बार-बार दिये जाने के बावजूद भारतीय सीमा में अपने तंबू गाड़े.

सूत्रों ने कहा कि पीएलए के करीब 100 जवानों को सामरिक रूप से अहम चौकी ‘प्वाइंट 30आर’ के पास देखा गया. ‘प्वाइंट 30आर’ चौकी से भारत को चीन की सीमा में भीतर तक नजर रखने में मदद मिलती है. यह घुसपैठ चुमार इलाके में एक छोटी पहाड़ी पर पहले से ही मौजूद 35 चीनी सैनिकों के अतिरिक्त है.

चीनी सैनिक मांग कर रहे थे कि भारतीय थलसेना को इलाके से एक साथ वापसी करनी चाहिए पर थलसेना ने वहां रूकने का फैसला किया था. गुरुवार की रात चीनी सैनिक अपनी सीमा में लौट गये थे. पीएलए अक्सर ‘प्वाइंट 30आर’ चौकी के पास आती रही है, क्योंकि भारतीय थलसेना ने इसे एक निगरानी चौकी बना रखा है, जिससे भारत को चीन की सीमा के काफी भीतर तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलती है.

चीन करेगा पहला युद्धक चिकित्सा सेवा अभ्यास

बीजिंग:चीनी सेना इस महीने इनर मंगोलिया प्रांत में पहला पहला युद्धक चिकित्सा सेवा अभ्यास करेगी. पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के लॉजिस्टिक्स विभाग के जनरल ने रविवार को बताया कि अभ्यास इनर मंगोलिया के झुरीहे बेस में किया जायेगा. इस दौरान एक लाल और एक नीली टीम युद्ध जैसी स्थितियां उत्पन्न करेंगी और पीएलए, नौसेना तथा वायु सेना की 13 चिकित्सा यूनिट चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करेंगी.