जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के अनुसार 2012 में आत्महत्या की सर्वाधिक अनुमानित संख्या भारत में थी. इसी रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में प्रति 40 सेकंड पर आत्महत्या की एक घटना होती है.
डब्ल्यूएचओ की दक्षिण.पूर्व एशिया संबंधी रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र में आत्महत्या की अनुमानित दर डब्ल्यूएचओ के अन्य क्षेत्रों की तुलना में सर्वाधिक है. रिपोर्ट के अनुसार युवाओं और उम्रदराज लोगों में आत्महत्या की दरों में वृद्धि हुयी है. रिपोर्ट के अनुसार 2012 में आत्महत्या की अनुमानित संख्या सबसे ज्यादा भारत में दर्ज की गयी.
इस रिपोर्ट के अनुसार 2012 में भारत में 2,58,075 लोगों ने आत्महत्या कर ली. इनमें 99,977 महिलाएं और 1,58,098 पुरुष थे. भारत में आत्महत्या की दर 1,00,000 लोगों पर 21.1 थी.
डब्ल्यूएचओ में मानसिक स्वास्थ्य और मादक पदाथों के सेवन संबंधी विभाग के निदेशक डा. शेखर सक्सेना ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की पहली इस तरह की रिपोर्ट है जिसमें पूरी दुनिया में आत्महत्या संबंधी मामलों का व्यापक अवलोकन किया गया है.
रिपोर्ट के अनुसार हर साल आठ लाख से ज्यादा लोग (हर 40 सेकंड में करीब एक व्यक्ति) आत्महत्या कर लेते हैं. गुयाना में यह दर प्रति 1,00,000 पर 44.2 है जबकि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में यह क्रमश: 38.5 और 28.9 है.