बदायूं में दोनों बहनों के साथ नहीं हुआ था बलात्‍कार

नयी दिल्ली: बदायूं हत्याकांड के मामले में एक नया मोड आ गया है क्योंकि हैदराबाद स्थिति सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायगनोस्टिक्स (सीडीएफडी) ने उन दोनों नाबालिग लडकियों के साथ यौन उत्पीडन की बात को खारिज कर दिया है जिनके शव पेड से लटके हुए पाए गए थे.... सीबीआई सूत्रों ने कहा कि इस प्रतिष्ठित […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 20, 2014 7:22 PM

नयी दिल्ली: बदायूं हत्याकांड के मामले में एक नया मोड आ गया है क्योंकि हैदराबाद स्थिति सेंटर फॉर डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एंड डायगनोस्टिक्स (सीडीएफडी) ने उन दोनों नाबालिग लडकियों के साथ यौन उत्पीडन की बात को खारिज कर दिया है जिनके शव पेड से लटके हुए पाए गए थे.

सीबीआई सूत्रों ने कहा कि इस प्रतिष्ठित सरकारी प्रयोगशाला से यह महत्वपूर्ण जानकारी मिलने के बाद दोनों चचेरी बहनों की हत्या से पहले यौन उत्पीडन की बात को लेकर कई संदेह अब दूर हो गए हैं तथा अब शक की सुई के बच्चियों के परिवार के सदस्यों की ओर चली गई है.

सूत्रों ने कहा कि वे इसे झूठी शान के नाम पर हत्या का मामला मानने से इंकार नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बच्चियों पर यौन हमले की आशंका को खारिज किया गया है और इस रहस्यमयी हत्या के मामले में एक राय बनाने के लिए इस रिपोर्ट को तीन सदस्यीय चिकित्सा दल के पास भेजा जाएगा.