[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने छुए मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के पैर, जानिए पूरा वाकया

इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने छुए मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के पैर, जानिए पूरा वाकया

0
इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने छुए मशहूर उद्योगपति रतन टाटा के पैर, जानिए पूरा वाकया

नयी दिल्ली: मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान इंफोसिस के सह-संस्थापक व उद्योगपति नारायण मूर्ति ने देश के जाने माने उद्योगपति रतन टाटा का पैर छूकर आर्शीवाद लिया. दिलचस्प बात है कि नारायण मूर्ति खुद 88 साल के हैं. मौका था TiECON मुंबई के 2020 लाइफ टाइम अचीवमेंच अवॉर्ड समारोह का जिसमें मशहूर उद्यमी रतन टाटा को इस अवॉर्ड नवाजा गया. इन्फोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने उन्हें ये अवॉर्ड दिया.

‘पैसा डुबाने वालों को नहीं मिलेगा दूसरा मौका’

कार्यक्रम के दौरान उद्योगपति रतन टाटा ने कहा कि जो स्टार्टअप करने वाले निवेशक का पैसा डूबाकर गायब हो जाते हैं उन्हें दूसरा या तीसरा मौका नहीं मिलना चाहिये. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पुराने बिजनेस धीरे-धीरे कमजोर होते जाएंगे, इसलिए नया जमाना इनोवेटिव कंपनियों के युवा फाउंडर्स का होगा.

उन्होंने नये उद्यमियों से कहा कि बिजनेस में नैतिकता बरतनी चाहिए. रातों रात चमकने के तरीकों से खुद को बचाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक स्टार्टअप में जरूरी होता है कि इसके साथ सही मार्गदर्शन, सलाह, नेटवर्किंग और पहचान जुड़ा हो.

‘चुनिंदा निवेशकों के भरोसे उद्यम संभव नहीं’

इंफोसिस के सह संस्थापक ने कहा कि पेंशन फंड और बैंको को भी भारतीय स्टार्टअप में निवेश करना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल कुछ निवेशकों की बदौलत स्टार्टअप के लिये सकारात्मक माहौल नहीं बनाया जा सकता.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel