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पिता, दादा-परदादा के बाद कैप्टन बनीं तानिया

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पिता, दादा-परदादा के बाद कैप्टन बनीं तानिया

नयी दिल्ली : इस बार 72वें सेना दिवस पर होने वाली परेड कुछ खास रही. सेना दिवस पर बुधवार को पहली बार एक महिला अधिकारी कैप्टन तानिया शेरगिल ने पुरुषों की सभी टुकड़ियों का नेतृत्व किया. पंजाब के होशियारपुर में गांव गड़दीवाल की रहने वाली तानिया शेरगिल सेना के सिग्नल कोर में कैप्टन हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशंस में बीटेक करने वाली तानिया शेरगिल मार्च 2017 में चेन्नई के ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई से सेना में शामिल हुई थीं.

तानिया चौथी पीढ़ी की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्हें पुरुषों के परेड के नेतृत्व का मौका मिला. तानिया शेरगिल का पूरा परिवार सेना में काम कर चुका है. उनके पिता सूरज सिंह तोपखाने (अर्टिलरी), दादा बख्तरबंद (आर्मर्ड) और परदादा सिख रेजिमेंट में पैदल सैनिक (इंफैंट्री) के तौर पर सेवा दे चुके हैं.
इससे पहले पिछले साल कैप्टन भावना कस्तूरी गणतंत्र दिवस पर सभी पुरुषों का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं. इस मौके पर सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और रक्षा प्रमुख (सीडीएस) बिपिन रावत मौजूद थे.
मोदी ने वीडियो शेयर कर सेना के मानवीय कार्यों को दिखाया : प्रधानमंत्री मोदी ने 72वें सेना दिवस के मौके पर चिनार कोर की वीरता और पेशेवर रवैये की सराहना की, जिसने कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी के बीच एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाया था. पीएम ने कहा कि श्रीनगर में तैनात भारतीय सेना की पैदल इकाई चिनार कोर ही घाटी में सैन्य अभियानों को बहादुरी से अंजाम देती है.
पहली बार सेना दिवस में सीडीएस, आर्मी चीफ बोले- 370 हटना ऐतिहासिक
आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने सेना दिवस पर बोलते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे कश्मीर को मुख्य धारा में शामिल होने का मौका मिलेगा. आर्मी चीफ ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए बिना कहा कि सेना आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है और इसका जवाब देने के लिए भारतीय सेना के पास कई विकल्प हैं. साथ ही उन्होंने सेना के भविष्य के प्लान्स भी साझा किये.
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