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Home National मिशन गगनयान: एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में क्या खाएंगे-पीएंगे? DRDO ने तैयार किया मेन्यू

मिशन गगनयान: एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में क्या खाएंगे-पीएंगे? DRDO ने तैयार किया मेन्यू

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मिशन गगनयान:  एस्ट्रोनॉट्स अंतरिक्ष में क्या खाएंगे-पीएंगे? DRDO ने तैयार किया मेन्यू

नयी दिल्लीः भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) देश के पहले मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन को अंजाम देने की तैयारियों में जोर-शोर से जुटा है. इसे मिशन गगनयान कहा जा रहा है. गगनयान से अंतरिक्ष यात्रा पर जाने के लिए चार भारतीय ट्रेनिंग लेने जल्द ही रूस जाने वाले हैं. ट्रेनिंग के लिए चयनित भारतीय वायुसेना के इन टेस्टिंग पायलट्स के लिए खाने-पीने के सामान भी तैयार कर लिए गए हैं. यह खाना डीआरडीओ की मैसुर प्रयोगशाला में तैयार किया गया है.

डीआरडीओ खाने में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एग रोल, वेज रोल, इडली, मूंग दाल हलवा और वेज पुलाव तैयार किए गए हैं। कहने को तो खाने के यह सभी नाम सामान्य लग रहे हैं लेकिन डीआरडीओ ने इन सभी सामान्य खानों को जीरो ग्रेविटी में खाने के लिए तैयार किया है, ताकि अंतरिक्ष यात्रियों को खाने में किसी तरह की परेशानी न हो.

इन सबके साथ अंतरिक्ष यात्रियों ( एस्ट्रोनॉट्स) को अपना खाना गर्म करने के लिए फूड हीटर भी दिया जाएगा और फूड हीटर को भी डीआरडीओ मैसूर की प्रयोगशाला में ही तैयार किया गया है. इतना ही नहीं, डीआरडीओ मैसूर की प्रयोगशाला में गगनयान के अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक विशेष कंटेनर बनाए गए हैं, जिनके जरिए अंतरिक्ष यात्री जीरो ग्रेविटी में पानी या जूस पी सकेंगे.

जानिए क्या है गगनयान मिशन?
गगनयान मिशन के तहत इसरो तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी से 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में सात दिन की यात्रा कराएगा. इन अतंरिक्षयात्रियों को सात दिन के लिए पृथ्वी की लो-ऑर्बिट में चक्कर लगाना होगा. इस मिशन के लिए इसरो ने भारतीय वायुसेना से अंतरिक्षयात्री चुनने के लिए कहा था. वायुसेना ने शुरुआत में पहले 25 पायलटों का चयन किया था. अब इनमें से 12 चुने गए हैं. जो ट्रेनिंग के लिए रूस जाएंगे.
इनमें से चार ही रूस में ट्रेनिंग करेंगे. इनका चयन रूस की ट्रेनिंग देने वाली एजेंसी करेगी.दिसंबर 2021 में इसरो तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजेगा. उससे पहले दो अनमैन्ड मिशन होंगे. ये दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 में किए जाएंगे. इन दोनों मिशन में गगनयान को बिना किसी यात्री के अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.
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