राष्ट्रपति बनने के बाद पहले विदेश दाैरे पर भारत आये गोटबाया राजपक्षे

नयी दिल्ली : श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वीपीय देश में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे. शुक्रवार को वह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों में और प्रगाढ़ता लाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे. राष्ट्रपति गोटबाया का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 28, 2019 7:47 PM

नयी दिल्ली : श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वीपीय देश में सत्ता की बागडोर संभालने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत बृहस्पतिवार को यहां पहुंचे. शुक्रवार को वह दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों में और प्रगाढ़ता लाने के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विस्तृत बातचीत करेंगे. राष्ट्रपति गोटबाया का नयी दिल्ली हवाई अड्डे पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री वीके सिंह ने स्वागत किया.

पिछले सप्ताह भारत ने कहा था कि वह श्रीलंका के नये राष्ट्रपति के साथ काम करने की दिशा में आशान्वित हैं और उम्मीद जतायी कि यह सरकार (राजपक्षे सरकार) देश में तमिल समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करेगी. गौरतलब है कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले दिनों श्रीलंका जाकर राष्ट्रपति गोटबाया को भारत आने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण दिया था. राष्ट्रपति राजपक्षे के पदभार संभालने के कुछ घंटे जयशंकर ने उनसे मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया था कि श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के साथ गर्मजोशी के साथ मुलाकात हुई. साझा शांति, प्रगति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए साझेदारी संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश से उन्हें अवगत कराया. जयशंकर ने कहा कि राष्ट्रपति राजपक्षे ने 29 नवंबर को भारत आने के प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है.

प्रधानमंत्री मोदी ने राजपक्षे को चुनाव में मिली जीत पर टेलीफोन पर उन्हें बधाई दी थी और विदेश की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के रूप में भारत की यात्रा करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया था. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि श्रीलंकाई नेता ने उनकी शुभकामनाओं के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया था और विकास तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते भारत के साथ मिलकर काम करने की तत्परता जाहिर की थी. राजपक्षे 1992 में अमेरिका जाने से पहले श्रीलंकाई सेना में कर्नल थे. वह तब तक उत्तर में लिट्टे के खिलाफ लड़ाई के मैदान में थे.