चिन्मयानंद मामला : SC ने आईजी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में SIT गठित करने का आदेश दिया

नयी दिल्ली : चिन्मयानंद मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह शाहजहांपुर की एलएलएम छात्रा द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच के लिए आईजी-रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित करे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 2, 2019 4:36 PM

नयी दिल्ली : चिन्मयानंद मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह शाहजहांपुर की एलएलएम छात्रा द्वारा लगाये गये आरोपों की जांच के लिए आईजी-रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में एक एसआईटी गठित करे. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि मामले में दर्ज की गयीं दो क्रॉस एफआईआर की जांच की निगरानी के लिए एक पीठ गठित करें.

न्यायालय ने कहा कि एसआईटी में पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भी होंगे और वह महिला की शिकायतों को देखेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने उप्र सरकार से कहा कि वह महिला, उसके भाई का दाखिला दूसरे संस्थान में कराये क्योंकि उन्हें चिन्मयानंद के ट्रस्ट द्वारा संचालित कॉलेज में पढ़ने में डर है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली लड़की को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी. कोर्ट को लड़की ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश नहीं जाना चाहती उसे जान का डर है. चिन्मयानंद पर आरोप लगाने के बाद लड़की लापता हो गयी थी जिसे पुलिस ने राजस्थान से बरामद किया था. न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने भोजनावकाश से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया था कि कानून की इस छात्रा को शुक्रवार को ही न्यायालय में पेश किया जाये.