अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज पहली बार श्रीनगर जाएंगे थल सेना प्रमुख, सुरक्षा व्यवस्था का लेंगे जायजा

नयी दिल्ली: भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल विपिन रावत शुक्रवार को श्रीनगर का दौरा करेंगे. थल सेना प्रमुख यहां घाटी की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षाबलों की स्थिति और उनकी तैयारियों की समीक्षा करेंगे. बता दें कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद थल सेना का ये पहला दौरा होगा. गौरतलब है कि गुरूवार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 30, 2019 8:38 AM

नयी दिल्ली: भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल विपिन रावत शुक्रवार को श्रीनगर का दौरा करेंगे. थल सेना प्रमुख यहां घाटी की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षाबलों की स्थिति और उनकी तैयारियों की समीक्षा करेंगे. बता दें कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद थल सेना का ये पहला दौरा होगा. गौरतलब है कि गुरूवार को ही जम्मू इलाके के पांच जिलों में मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवा बहाल की गयी थी.

घाटी मेें सामान्य तेजी से सामान्य हो रहे हालात

राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कहना है कि घाटी में तेजी से हालात सामान्य हो रहे हैं. इस बीच श्रीनगर के मुख्य सड़क की कुछ तस्वीरेें सामने आई थीं जिसमें वहां वाहनों की सामान्य आवाजाही दिखी. मलिक ने कहा था कि जम्मू में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं. कश्मीर इलाके में संवेदनशीलता को मद्देनजर थोड़ी सख्ती बरती जा रही है ताकि आतंकवादी तत्वों को यहां अफवाह फैलाने या हिंसा भड़काने का मौका ना मिले.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया लद्दाख का दौरा

गुरूवार को केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लद्दाख का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने लेह में आयोजित 26वें किसान-जवान-विज्ञान मेले का उद्घाटन किया. अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को जवाब देते हुए कहा था कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है इसलिए इस मसले पर बात करने का पाक को कोई हक नहीं बनता.

जनरल बिपिन रावत का दौरा काफी अहम

रक्षामंत्री के बाद अब थलसेना प्रमुख के दौरे को घाटी में हालातों के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है. इस बीच एक खबर आई कि अनंतनाग में आतंकवादियों ने एक स्थानीय दुकानदार की गोली मार कर हत्या कर दी. उम्मीद जताई जा रही है कि जनरल रावत इन घटनाओं को भी संज्ञान में लेगें और सुरक्षाबलों को आवश्यक निर्देश देंगे.

बता दें कि गुरूवार को ही पाक ने कम दूरी के बैलैस्टिक मिसाइल गजनवी का परीक्षण किया है. इस दौरान खुफिया एजेंसियों ने सूचना दी थी कि पाक आर्मी के जवान और आतंकी गुजरात के रास्ते घुसपैठ की कोशिश में हैं. इन घटनाओं को देखते हुए भी घाटी में थल सेना प्रमुख के दौरे को काफी अहम माना जा रहा है.