[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National 19 माह बाद कांग्रेस की कमान एक बार फिर सोनिया के पास

19 माह बाद कांग्रेस की कमान एक बार फिर सोनिया के पास

0
19 माह बाद कांग्रेस की कमान एक बार फिर सोनिया के पास

नयी दिल्ली : ढाई महीने तक बिना अध्यक्ष के रही कांग्रेस को आखिरकार नया अध्यक्ष मिल गया. कांग्रेस कार्यसमिति ने सोनिया गांधी (72) को कांग्रेस s\का अंतरिम अध्यक्ष चुना है. नियमित अध्यक्ष के चुनाव तक वह पार्टी की बागडोर संभालेंगी. इस तरह 19 महीने बाद कांग्रेस की कमान फिर सोनिया के हाथों में होगी.सीडब्लूसी की बैठक के बाद रात करीब 11.05 मिनट पर पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और महासचिव सी वेणुगोपाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी.

वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस कार्यसमिति की दूसरी बैठक रात साढ़े आठ बजे शुरू हुई, जो ग्यारह बजे समाप्त हुई. बैठक में सर्वसम्मति से तीन प्रस्ताव पास किये गये. सुरजेवाला ने कहा कि पार्टी के हर नेता की राय थी कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सेवाएं देते रहें. सभी ने उनसे इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया.

इससे पहले अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए कांग्रेस ने पांच समिति बना कर रायशुमारी करने का फैसला लिया था. नेताओं की राय पर रात को करीब साढ़े तीन घंटे तक चर्चा हुई. वहीं, सोनिया व राहुल सुबह में सीडब्ल्यूसी की बैठक के दौरान पार्टी दफ्तर पहुंचे, लेकिन थोड़ी देर बाद चले गये. प्रियंका गांधी पूरे समय बैठक में मौजूद रहीं. सोनिया ने मीडिया से कहा कि मैं और राहुल अध्यक्ष पद के लिए हो रहे विचार-विमर्श की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं हैं.
  • नये नेता के चयन तक अंतरिम अध्यक्ष रहेंगी
  • नया नाम चुनने के लिए सीडब्ल्यूसी ने पांच समितियां बनायीं, नहीं बनी पायी सहमति
  • सोनिया 19 साल अध्यक्ष रह चुकीं हैं, दिसंबर 2017 में राहुल गांधी अध्यक्ष बने थे
पास किये तीन प्रस्ताव
  • पहले प्रस्ताव में राहुल गांधी के नेतृत्व की तारीफ की गयी.
  • दूसरे प्रस्ताव में राहुल को अध्यक्ष पद न छोड़ने की अपील की गयी़ राहुल ने इसे ठुकरा दिया. इसके बाद सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला किया गया.
  • तीसरा प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर के मौजूदा हालात को लेकर है. इसमें वहां के हालात पर चिंता जतायी गयी. सरकार से सभी दलों के प्रतिनिधिमंडल को जम्मू-कश्मीर जाने की इजाजत देने की मांग की गयी.
लोस चुनाव में हार के बाद राहुल ने छोड़ा था पद
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद राहुल ने इस साल 25 मई को हुई सीडब्लूसी मीटिंग में पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उस वक्त उनके इस्तीफे को अस्वीकार करते हुए सीडब्ल्यूसी ने उन्हें पार्टी में आमूल-चूल बदलाव के लिए उन्हें अधिकृत किया था. हालांकि, वह अपने रुख पर अड़े रहे. हालांकि गांधी अपने रुख पर अड़े रहे और स्पष्ट किया था कि न तो वह और न ही गांधी परिवार का कोई दूसरा सदस्य इस जिम्मेदारी को संभालेगा.
लंबे समय तक अध्यक्ष रह चुकी हैं सोनिया गांधी
सोनिया गांधी ने इससे पहले 1998 में पार्टी की तब बागडोर संभाली थी, जब एनडी तिवारी और अर्जुन सिंह जैसे तमाम बड़े नेता कांग्रेस से अलग हो गये थे. सोनिया के नेतृत्व में कांग्रेस ने वापसी की और 2004 से लेकर 2014 तक कांग्रेस की अगुआई में यूपीए की सरकार भी रही. सोनिया के नाम सबसे ज्यादा समय तक कांग्रेस अध्यक्ष रहने का रिकॉर्ड है. वह 1998 में अध्यक्ष बनीं और 2017 तक वह इस पद पर बनी रहीं. उनके बाद राहुल गांधी ने पार्टी की बागडोर संभाली थी़

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel