[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National राजस्थान : विस में ऑनर किलिंग और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोकथाम के लिए विधेयक पारित

राजस्थान : विस में ऑनर किलिंग और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोकथाम के लिए विधेयक पारित

0
राजस्थान : विस में ऑनर किलिंग और मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोकथाम के लिए विधेयक पारित

जयपुर : राजस्थान विधानसभा ने ऑनर किलिंग की घटनाओं पर रोकथाम के लिए संशोधित विधेयक मंगलवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया. विधेयक पर चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित हुआ घोषित किया. साथ ही मॉब लिंचिंग (भीड़ हत्या) की घटनाओं पर रोकथाम के लिए भी एक विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. इस विधेयक के तहत मॉब लिंचिंग की घटनाओं में पीड़ित की मौत पर दोषी को कठोर आजीवन कारावास और एक से पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

ऑनर किलिंग मामले में राज्य की संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने 30 जुलाई को ‘राजस्‍थान सम्‍मान और परंपरा के नाम पर वैवाहिक संबंधों की स्‍वतंत्रता में हस्‍तक्षेप का प्रतिषेध विधेयक, 2019’ सदन में पेश किया था. विधेयक के अनुसार कथित सम्मान के लिए की जाने वाली हिंसा एवं कृत्य भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध हैं और इन्हें रोकना जरूरी है.

उच्चतम न्यायालय ने 17 जुलाई को अपने निर्णय में इस संबंध में कानून बनाने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 16 जुलाई को बजट भाषण के जवाब के दौरान मॉब लिंचिंग और ऑनर किलिंग को रोकने के लिए कानून बनाने की घोषणा की थी. मॉब लिंचिंग विधेयक के तहत मॉब लिंचिंग की घटनाओं में पीड़ित की मौत पर दोषी को कठोर आजीवन कारावास और एक से पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.

विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्यमंत्री शांति कुमारी धारीवाल ने कहा कि राजस्थान ऐसा पहला राज्य है, जहां माब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने के लिए इस तरह का कानून बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘हाल के वर्षों में राज्य में मॉब लिंचिंग की कुछ घटनाओं से राजस्थान के हर नागरिक का सिर शर्म से झुक गया.’

विपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने इस विधेयक को विधानसभा की प्रवर समिति के पास भेजे जाने की सिफारिश की और कहा कि भावावेश में किसी कानून को इतना सख्त भी नहीं बना देना चाहिए कि लोग जानबूझकर उसकी अवहेलना करने लग जाएं. उन्होंने कहा, ‘भाजपा मौजूदा रूप में इस विधेयक का कभी समर्थन नहीं करेगी.’

विधेयक पर चर्चा और मंत्री धारीवाल के जवाब के बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित हुआ घोषित किया. उल्लेखनीय है कि ‘राजस्‍थान लिंचिंग से संरक्षण विधेयक 2019′ को धारीवाल ने 30 जुलाई को सदन में पेश किया था. विधेयक के अनुसार, ‘कथित सम्मान के लिए की जाने वाली हिंसा एवं कृत्य भारतीय दंड संहिता के तहत अपराध है और इन्हें रोकना जरूरी है.’

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel