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Home National केरल हाईकोर्ट के जज बोले- ब्राह्मणों में होते हैं विशेष गुण, जातिगत आरक्षण के खिलाफ उठाएं आवाज

केरल हाईकोर्ट के जज बोले- ब्राह्मणों में होते हैं विशेष गुण, जातिगत आरक्षण के खिलाफ उठाएं आवाज

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केरल हाईकोर्ट के जज बोले- ब्राह्मणों में होते हैं विशेष गुण, जातिगत आरक्षण के खिलाफ उठाएं आवाज

केरल हाईकोर्ट के जज वी चितंबरेश के एक भाषण के कुछ अंश का वीडियो सोशल मीडिया पर खासा शेयर हो रहा है. इस वीडियो में वह वह ब्राह्मणों की तारीफ करते हुए दिख रहे हैं. इस भाषण में जज ने कहा है कि आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए और इसके लिए ब्राह्मणों को अपनी आवाज भी उठानी चाहिए.

यह वीडियो कुछ दिन पहले का है जब जस्टिस चितंबरेशतमिल ब्राह्मण सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ब्राह्मण समुदाय की काफी तारीफ की. उन्होंने कहा कि आखिर ब्राह्मण कौन हैं? उन्होंने कहा एक ब्राह्मण द्विजन्मना होता है. यानी कि वह दो बार जन्म लेने वाला होता है. अपने पूर्व जन्म में किए गए अच्छे कर्मों की वजह से उसका दो बार जन्म होता है.

उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों में कुछ खास विशेषताएं होती हैं, जैसे स्वच्छ रहना, अच्छी सोच, अच्छा चरित्र और ज्यातर का शाकाहारी होना. ब्राह्मण शास्त्रीय संगीत का पुजारी होता है. अगर किसी भी व्यक्ति के अंदर ये सभी आदतें समाहित हो जाती हैं तो वो ब्राह्मण होता है. इसी के साथ जस्टिस वी चिताम्बरेश ने ब्राम्हणों की सामाजिक-आर्थिक हालत पर कुछ सख्त टिप्पणी भी की.

उन्होंने ब्राह्मणों को आर्थिक आधार पर आरक्षण के लिए आवाज उठाने के लिए कहा. हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से वो कोई अपनी राय जाहिर नहीं कर रहे हैं क्योंकि वो एक संवैधानिक पद पर हैं. उन्होंने भाषण में आगे कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए हाल ही में 10 फीसदी आरक्षण का इंतजाम किया गया है.

कहा कि अगर एक ब्राह्मण रसोइये का बेटा नॉनक्रीमी लेयर में आता है तो भी उसे आरक्षण व्यवस्था का लाभ नहीं मिलेगा. लेकिन एक लकड़ी के व्यापारी का बेटा जो कि पिछड़े वर्ग का है, उसे आरक्षण के फायदे जरूर मिलेंगे. ऐसे में यही समय है कि आप सब आगे आएं और इस बारे में अपनी आवाज जरूर उठाएं.

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