कर्नाटक में उपजे सियासी संकट का रहस्य अभी तक बरकरार है. राज्य की राजनीति पर पूरे देश की निगाह बनी हुई है. मामला सुप्रीम कोर्ट से लेकर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट तक आ पहुंचा है. बीते शुक्रवार से विश्वास मत पर चर्चा हो रही है लेकिन मतदान नहीं हो पा रहा. बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया तो उनके खिलाफ कांग्रेस और जदएस ने भी शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की.आज के सु्प्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक, अब कर्नाटक सरकार का फैसला बुधवार को ही आ पाएगा.
इस बीच सत्तारुढ़ गठबंधन और भाजपा नेताओं की बयानबाजी सुर्खियों में है. बता दें कि यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब एक पखवाड़े पहले सत्तारुढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन के 13 विधायक बागी हो गए. बागी विधायकोंका मान मनौव्ल का दौर चलता रहा. कर्नाटक की सियासी उथलपथल की धमक मुंबई और दिल्ली तक पहुंची. इस पूरे मामले में पढ़ें वो बयान जो चर्चा में रहे.
