अब अग्निवेश को आतंकवादी कहा शंकराचार्य ने

रायपुरः आजकल विवादित बयान देकर चर्चा में आना काफी प्रचलन में आ गया है. ज्योतिष पीठ एवं द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अभी साईं बाबा का विरोध करने वाले बयान से पूरी तरह उबर भी नहीं पाये हैं, लेकिन फिर से चर्चा बटोरने की गरज से उन्‍होंने आज स्‍वामी अग्निवेश पर विवादित बयान […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 18, 2014 11:38 AM

रायपुरः आजकल विवादित बयान देकर चर्चा में आना काफी प्रचलन में आ गया है. ज्योतिष पीठ एवं द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अभी साईं बाबा का विरोध करने वाले बयान से पूरी तरह उबर भी नहीं पाये हैं, लेकिन फिर से चर्चा बटोरने की गरज से उन्‍होंने आज स्‍वामी अग्निवेश पर विवादित बयान दे डाला. शंकराचार्य ने कहा कि अग्निवेश आतंकवादी हैं और सामाजिक कार्यकर्ता होने का ढोंग करते हैं.

आर्य समाजी अग्निवेश ने साईं बाबा विवाद में शंकराचार्य के खिलाफ बयान दिया था. संभवत: इसी की प्रतिक्रिया में शंकराचार्य ने उन्हें ‘आतंकवादियों से मिला हुआ’ और ‘आतंकवादी’ बताया है. छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा है कि स्वामी अग्निवेश के अब छत्तीसगढ़ आने पर यहां के मुख्यमंत्री भी उससे नहीं मिलते हैं, और उसके विषय में अब जनता की भी स्पष्ट राय बनने लगी है.

उन्होंने कहा है कि अग्निवेश माफी मांगें. शंकराचार्य को उन्होंने दुकानदार कैसे कहा? वह तुच्छ आदमी हैं. फिर भी धर्म संगठन उनका विरोध कर उन्हें प्रसिद्ध न करे.

स्‍वामी अग्निवेश ने भी दिया है विवादित बयान

उल्‍लेखनीय है कि साईं बाबा की पूजा पर शंकराचार्य ने विवादित बयान देकर कहा था कि हिन्‍दुओं को साईं की पूजा नहीं करनी चाहिए. इस पर साईं भक्‍तों की ओर से काफी प्रतिक्रियाएं आयी थी. इधर स्‍वामी अग्निवेश ने भी धर्मगुरुओं को चुनौती दी है. अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा को पाखंड बताया. उन्‍होंने कहा कि स्‍टैलेक्‍टाइअ नामक बर्फ के पुतले को शिव मनवा कर हमरे धर्मगुरु लोगों को धोखा दे रहे हैं. अग्निवेश ने यह भी कहा के 150 साल पहले आर्य समाज के संस्‍थापक दयानंद सरस्‍वती ने भी अमरनाथ यात्रा और वहां बर्फ के शिवलिंग की पूजा को अंधविश्‍वास बताया था.

शंकराचार्य सहित अन्‍य साधुओं को कहा पाखंडी

गौरतलब है कि शंकराचार्य के साईं को भगवान नहीं मानने की टिप्‍पणी के बाद अग्निवेश ने श्रीराम और श्रीकृष्ण को भगवान साबित करने की बात कही थी. उन्होंने शकराचार्य पर सीधे आरोप लगाते कहा था कि वे और उनके सभी साधु-संत, पंडित-पुरोहित अंधविश्वास को जन्म देने का काम लंबे समय से करते आ रहे हैं. शंकराचार्य पर आरोप लगाते स्वामी ने कहा कि वे धर्म के नाम पर व्यापार कर रहे हैं. स्वामी ने कहा कि मनौती के नाम पर सभी धर्म के लोग सौदेबाजी कर रहे हैं.