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यौन उत्पीड़न आरोप : प्रधान न्यायाधीश जांच समिति के सामने हुए पेश

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यौन उत्पीड़न आरोप : प्रधान न्यायाधीश जांच समिति के सामने हुए पेश

नयी दिल्ली : प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई उच्चतम न्यायालय की एक पूर्व महिला कर्मी द्वारा उन पर लगाये गये यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय आतंरिक समिति के सामने पेश हुए. एक आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी दी.

सूत्र ने कहा, प्रधान न्यायाधीश को एक अनुरोध पत्र जारी कर उन्हें समिति के सामने आने को कहा गया था. उस अनुरोध पर वह इस मामले में समिति के सामने पेश हुए. आंतरिक जांच के अगुवा उच्चतम न्यायालय के दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबडे हैं तथा न्यायमूर्ति इंदू मल्होत्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी उसकी दो अन्य सदस्य हैं. आरोप लगाने वाली महिला मंगलवार को जांच समिति के समक्ष फिर से पेश होने से इनकार कर दिया और वकील की मौजूदगी की मंजूरी नहीं मिलने समेत कई मुद्दों पर आपत्ति उठायी.

शिकायतकर्ता महिला दिल्ली में प्रधान न्यायाधीश के आवासीय कार्यालय में काम करती थी. उसने एक हलफनामे पर प्रधान न्यायाधीश पर यौन उत्पीड़न का आरेाप लगाते हुए इसे उच्चतम न्यायालय के 22 न्यायाधीशों के आवास पर भेजा था. इसी हलफनामे के आधार पर चार समाचार पोर्टलों ने कथित यौन उत्पीड़न संबंधी खबर भी प्रकाशित की थी. महिला ने अपने हलफनामे में न्यायमूर्ति गोगोई के प्रधान न्यायाधीश नियुक्त होने के बाद कथित उत्पीड़न की दो घटनाओं का जिक्र किया था. महिला ने आरोप लगाया है कि जब उसने यौनाचार की पहल को झिड़क दिया तो इसके बाद उसे नौकरी से हटा दिया गया.

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