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Home National Lok Sabha 2019: राजस्थान में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने से कतराते रहे हैं प्रमुख दल

Lok Sabha 2019: राजस्थान में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने से कतराते रहे हैं प्रमुख दल

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Lok Sabha 2019: राजस्थान में महिला उम्मीदवारों पर दांव लगाने से कतराते रहे हैं प्रमुख दल

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस राजस्थान में महिला प्रत्याशियों पर दांव लगाने से कतराती रहीं है. इस बार कांग्रेस ने प्रदेश में लोकसभा की कुल 25 सीटों में से केवल चार और भाजपा ने केवल तीन सीटों पर महिलाओं को टिकट दिया है. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने चार सीटों जयपुर (शहर), जयपुर (ग्रामीण), नागौर और दौसा सीट पर महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है वहीं भाजपा ने राजसमंद, भरतपुर और दौसा सीट पर महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है.

लोकसभा चुनाव में राज्य में महिलाओं को कम प्रतिनिधित्व देने के मामलें में पीपुल्स यूनियन आफ सिविल लिर्बिटीज (पीयूसीएल) की कविता श्रीवास्तव ने बताया कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम और शर्मनाक है और इसके लिये सभी राजनैतिक पार्टिया जिम्मेदार है. देश में केवल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सबसे ज्यादा महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया है.

उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने लिये जब तक कानून नहीं बनेगा कोई भी पार्टी महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं देगी क्योंकि कोई भी राजनैतिक पार्टी महिलाओं के साथ सत्ता को साझा नहीं करना चाहती.

उन्होंने कहा कि राजनैतिक पार्टियों की इच्छा शक्ति नहीं होने के कारण राजनीति में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा हैं और जब तक इस संबंध में कानून नहीं बनेगा तब तक महिला वर्ग इससे वंचित रहेगा. उन्होंने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने के लिये सभी राजनैतिक पार्टियों को जिम्मेदार बताया है.

राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता सुमन शर्मा ने बताया कि महिलाओं को जब तक 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलेगा तब तक महिलाओं को विधानसभा या लोकसभा चुनाव में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा. आज भी 16वीं लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व 11.3 प्रतिशत है.

कांग्रेस ने जयपुर (शहर) से जयपुर की पूर्व मेयर ज्योति खंड़ेलवाल को भाजपा के रामचरण बोहरा के सामने, जयपुर ग्रामीण से ओलंपियन कृष्णा पूनिया को केन्द्रीय मंत्री और ओलंपियन राज्यवर्धन सिंह राठौड के सामने, नागौर से ज्योति मिर्धा को भाजपा समर्थित राष्ट्रीय लोक तांत्रिक पार्टी के संयोजक और विधायक हनुमान बेनीवाल के सामने और दौसा सीट पर सविता मीणा को चुनाव मैदान में उतारा है. उनका मुकाबला भाजपा की पूर्व सांसद जसकौर मीणा से होगा.

भाजपा ने राजसमंद लोकसभा सीट पर सवाईमाधोपुर की पूर्व विधायक और जयपुर राजघराने से संबंध रखने वाली दीया कुमारी को चुनाव मैदान में उतारा है. उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार देवकीनंदन गुर्जर से होगा. राज्य में कुल चार करोड 84 लाख 79 हजार 229 मतदाताओं में से दो करोड 32 लाख 14 हजार 231 महिला मतदाता है वहीं दो करोड 52 लाख 64 हजार 998 पुरूष मतदाता है। पिछले दो लोकसभा चुनावों में महिला मतदाताओं के प्रतिशत में भी बढोत्तरी हुई है.

2009 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं के मतदान का प्रतिशत 44.85 प्रतिशत रहा था जो 2014 में बढकर 61.39 प्रतिशत हो गया. पिछले 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने छह महिलाओं उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था हालांकि उनमें से एक भी चुनाव नहीं जीत पाई थी वहीं भाजपा की एकमात्र महिला उम्मीदवार संतोष अहलावत ने झुंझुनूं से जीत दर्ज की थी. हालांकि पार्टी ने इस बार अहलावत का टिकट काट दिया है.

पिछले दो लोकसभा चुनावों की बात की जाये तो 2009 में 31 महिलाओं ने भाग्य आजमाया जिनमें से तीन विजयी रही. इसके बाद 2014 में 27 महिलाओं ने चुनाव लडा जिनमें से केवल एक महिला प्रत्याशी ने विजय हासिल की.

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