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शौचालय और पेयजल बच्चों की मुख्य जरूरतें : रिपोर्ट

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शौचालय और पेयजल बच्चों की मुख्य जरूरतें : रिपोर्ट

नयी दिल्ली : देशभर में आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच चालू शौचालयों की उपलब्धता, बाल श्रम पर प्रतिबंध, पेयजल की उपलब्धता और विद्यालयों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सड़कें बनाना बच्चों के लिए बड़ी जरूरत बनकर उभरी हैं. एक हालिया अध्ययन में यह बात सामने आयी है.

‘आवर ऐस्परेशन्स फ्रॉम आवर गवर्नमेंट : द वॉइस ऑफ इंडियाज चिल्ड्रन’ नाम की इस रिपोर्ट में बच्चों की जरूरतों को रेखांकित किया गया है. रिपोर्ट को गैर सरकारी संगठन क्राई (चिल्ड्रन राइट्स एंड यू) ने प्रकाशित किया है. रिपोर्ट में नेताओं और राजनीतिक दलों से बच्चों के मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्राथमिकता देने की अपील की गयी है.

चुनाव नजदीक आते देख संगठन ने बच्चों की आवाज, आशाओं, मांगों को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं तक पहुंचाने के लिए एक पहल शुरू की है. इसमें चुनाव घोषणापत्र बनाते समय बच्चों की मांगों को ध्यान में रखने का अनुरोध किया गया है.

संगठन की सीईओ पूजा मारवाह ने इस पहल के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा, ‘बच्चे हमारे देश के समान नागरिक हैं. यह दस्तावेज उनकी आकांक्षाओं, सपनों और इच्छाओं की एक अभिव्यक्ति है. इन आकांक्षाओं को पूरा करना अब जिम्मेदारी है और बेहतर कल के लिए उनके जीवन को बदलने में एक मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करती है, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं.’

संगठन और इसके साझेदार संगठनों ने विभिन्न परियोजनाओं के तहत 1000 से अधिक बच्चों के साथ बातचीत की. इस दौरान संगठनों ने बच्चों के दैनिक जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण, सुरक्षा, बेहतर जीवनस्तर को लेकर चर्चा की.

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