[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National फिच रेटिंग एजेंसी का दावा, लोकलुभावन बजट पेश हुआ तो लक्ष्य से चूक जायेगी मोदी सरकार

फिच रेटिंग एजेंसी का दावा, लोकलुभावन बजट पेश हुआ तो लक्ष्य से चूक जायेगी मोदी सरकार

0
फिच रेटिंग एजेंसी का दावा, लोकलुभावन बजट पेश हुआ तो लक्ष्य से चूक जायेगी मोदी सरकार


नयी दिल्ली
: संसद का बजट सत्र आज से शुरू हुआ. कल नरेंद्र मोदी सरकार अपने अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करने जा रही है, यह अंतरिम बजट होगा. इससे पहले रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने आगाह किया है कि यदि वित्त मंत्री पीयूष गोयल लोकसभा चुनावों के मद्देनजर लोकलुभावन उपायों की घोषणाएं करते हैं, तो इससे सरकार अपने राजकोषीय लक्ष्य से चूक सकती है. फिच ने कहा कि अंतरिम बजट से राजकोषीय मजबूती के लिए सरकार के प्रयास का कुछ संकेत मिलेगा.

स्वायत्त रेटिंग में यह एक प्रमुख कारक होता है. फिच ने कहा कि सत्ताधारी भाजपा सरकार पर मतदाताओं को लुभाने, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और छोटे कारोबारियों को लुभाने के लिए नए खर्च का दबाव है. ऐसा इस वजह से है कि भाजपा अब आम चुनावों में अपनी जीत को लेकर अधिक आशान्वित नहीं है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में ग्रामीण इलाकों में दिक्कतों तथा रोजगार सृजन को लेकर चिंता की वजह से भाजपा को वोट गंवाने पड़े हैं. फिच ने कहा कि लोकलुभावन खर्च की वजह से रोजकोषीय दबाव बढ़ेगा. यह दबाव राजस्व संग्रह में कमी की वजह से पहले से बना हुआ है.

#BudgetSession: राष्ट्रपति ने मोदी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, कहा मेरी सरकार ने देश को नयी आशा और विश्वास दिया

फिच ने कहा कि चुनाव से पहले ऊंचे खर्च से लगातार दूसरे साल सरकार अपने राजकोषीय लक्ष्य से चूक जाएगी. इससे सरकार के राजकोषीय घाटे और कर्ज के बोझ को कम करने में और विलंब होगा. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि स्वायत्त रेटिंग के लिए दीर्घावधि का रुख अधिक महत्वपूर्ण होता है. हालांकि, फिच का मानना है कि इन सब स्थितियों के बावजूद सरकार 2018-19 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 प्रतिशत पर रखने के अपने लक्ष्य को हासिल कर सकती है. यह तभी हासिल होगा जबकि पूंजीगत व्यय और बिल भुगतान को मार्च के बाद तक के लिए टाला जाए.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel