[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National वाड्रा को धनशोधन मामले हाईकोर्ट से झटका, ईडी के समक्ष पेश होने का निर्देश

वाड्रा को धनशोधन मामले हाईकोर्ट से झटका, ईडी के समक्ष पेश होने का निर्देश

0
वाड्रा को धनशोधन मामले हाईकोर्ट से झटका, ईडी के समक्ष पेश होने का निर्देश

जोधपुर : राजस्थान उच्च न्यायालय ने राबर्ट वाड्रा और उनकी मां नौरीन वाड्रा समेत स्काईलाइट होस्पिटेलिटी लिमिटेड कंपनी के साझीदारों को कंपनी द्वारा धनशोधन करने के आरोपों का जवाब देने के लिए 12 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष उपस्थित होने को कहा है.

उच्च न्यायालय की जोधपुर पीठ ने एजेंसी को वाड्रा और अन्य के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई करने से रोकने वाले अपने पूर्व के आदेश को दरकिनार करते हुए यह निर्देश दिया. न्यायाधीश पीएस भाटी की पीठ ने वाड्रा तथा अन्य को एजेंसी के समक्ष हाजिर होने का निर्देश दिया, लेकिन उनकी गिरफ्तारी पर स्थगनादेश को हटाने से इनकार कर दिया. साथ ही ईडी को उन्हें हिरासत में लेने की छूट देने से भी इनकार कर दिया. न्यायाधीश भाटी ने स्पष्ट किया कि अगर जरूरत पड़ती है, तो ईडी को उनकी गिरफ्तारी की अनुमति हासिल करने के लिए अलग से अदालत के पास जाना होगा.

मामले में ईडी का पक्ष रखते हुए अतिरिक्त सोलीसिटर जनरल राजदीप रस्तोगी ने पीठ को बताया कि एजेंसी ने कंपनी के खिलाफ धनशोधन की शिकायत मिलने के बाद स्काईलाइट होस्पिटेलिटी के मालिकों और साझीदारों के खिलाफ जांच शुरू की है. रस्तोगी ने बताया, कंपनी इस जांच के खिलाफ अदालत में चली गयी और यह आदेश हासिल कर लिया कि जांच के दौरान उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जायेगी. ईडी इसके बाद इस आधार पर इस आदेश को हटवाने के लिए अदालत में गया कि मामले में न तो प्राथमिकी दर्ज हुई है और न ही किसी आरोपी का नाम लिया गया है. रस्तोगी ने अदालत में तर्क दिया, यह केवल तथ्यों का पता लगाने वाली जांच है और वह भी शुरुआती चरण में है. इसलिए अदालत को इस चरण में इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. उनके तर्को को स्वीकार करते हुए अदालत ने अपने पूर्व के आदेश में से कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं का उपबंध हटा दिया.

ईडी को पूर्व में एक शिकायत मिली थी कि बीकानेर के कोलायत में 275 बीघा जमीन खरीदी गयी जिसमें कथित रूप से वाड्रा की संलिप्तता थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जमीन मध्यस्थ महेश नागरे के ड्राइवर के नाम से खरीदी गयी, जबकि इसके भुगतान के लिए राबर्ट वाड्रा द्वारा दिया गया चेक इस्तेमाल किया गया. ईडी ने इसके बाद राबर्ट वाड्रा और कंपनी की साझीदार मौरीन वाड्रा को पिछले वर्ष नवंबर में तीसरी बार समन जारी किया गया, लेकिन उनमें से कोई ईडी के समक्ष पेश नहीं हुआ और इसके बजाय वह अदालत में चले गये.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel