कर्नाटक में फिर राजनीति गरम: भाजपा पर ऑपरेशन लोटस चलाने का आरोप

बेंगलुरु : कर्नाटक में एक बार फिर राजनीतिक गरम नजर आ रही है. सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनकी और जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. शिवकुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस-जेडीएस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 14, 2019 1:03 PM

बेंगलुरु : कर्नाटक में एक बार फिर राजनीतिक गरम नजर आ रही है. सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनकी और जेडीएस की गठबंधन वाली सरकार को गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. शिवकुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस-जेडीएस सरकार गिराने के लिए भाजपा का ऑपरेशन लोटस चल रहा है. कांग्रेस के तीन विधायक मुंबई के एक होटल में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ है.

शिवकुमार ने ये भी दावा किया कि राज्य में विधायकों की खरीद फरोख्त जारी है. तीन विधायक मुंबई गये हैं वो किससे मिलने गए हैं मुझे पता है. वो कहां रुके हुए हैं उसकी जानकारी मुझे है. उन्होंने कहा कि वहां क्या कुछ हुआ है और उन्हें कितनी रकम की पेशकश की गयी है, उससे हम अवगत हैं. मामले को लेकर शिवकुमार ने सोमवार को कर्नाटक के डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता जी. परमेस्वर ने डीके शिवकुमार, दिनेश गुंडू राव और पूर्व सीएम सिद्धारमैया सहित कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की.

हालांकि कर्नाटक सरकार की स्थिति पर बोले मुख्‍यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा है कि कांग्रेस के तीनों विधायक लगातार मेरे संपर्क में हैं. मुझे बताने के बाद वे मुंबई चले गये हैं. मेरी सरकार को कोई खतरा नहीं है. मुझे पता है कि भाजपा के कौन लोग उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं और क्या पेशकश कर रहे हैं. मैं स्थिति को संभाल सकता हूं. इयी बीच भाजपा की भी प्रतिक्रिया सामने आयी है. केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सदानंद गौड़ा ने कर्नाटक सरकार की स्थिति पर कहा कि कांग्रेस को अपना घर संभालना चाहिए. वे कर्नाटक में अपने विधायकों को रोकने में सक्षम नहीं हैं और केवल भाजपा पर आरोप लगाते हैं.

यहां चर्चा कर दें कि 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस के कुल 116 और भाजपा के 104 विधायक हैं. दो निर्दलीय और एक बहुजन समाज पार्टी विधायक भी सत्ताधारी पक्ष के साथ हैं, जिससे गठबंधन का आंकड़ा 119 तक पहुंचजा है. लेकिन, कैबिनेट से निकाले जाने के बाद दो विधायक सत्तापक्ष से नाराज चल रहे हैं.