उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमारी मांग संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की थी, यह अब भी जारी है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मूल्य निर्धारण के मुद्दे पर कहा कि वह इस पर कोर्इ टिप्पणी नहीं करना चाहता, क्योंकि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गृहमंत्री राफेल सौदे की याचिका पर दिये गये फैसले पर आधी-अधूरी बात कर रहे हैं.
इसके अलावा, फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान की खरीद मामले में सरकार को सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि अदालत का फैसला पार्टी के लिए झटका नहीं है. उन्होंने कहा कि यह जनता की अदालत में अब भी कायम है और कांग्रेस इसे संसद में उठाना जारी रखेगी.
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला झटका नहीं है, क्योंकि राफेल सौदा जनता की अदालत में अब भी कायम है. पार्टी इस विषय को संसद में उठाना जारी रखेगी. संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में उठाती रही है और इसकी जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग कर रही है.
