[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National बाल गृहों में बच्चों को ”पॉक्सो ईबॉक्स” की जानकारी उपलब्ध कराएगा एनसीपीसीआर

बाल गृहों में बच्चों को ”पॉक्सो ईबॉक्स” की जानकारी उपलब्ध कराएगा एनसीपीसीआर

0
बाल गृहों में बच्चों को ”पॉक्सो ईबॉक्स” की जानकारी उपलब्ध कराएगा एनसीपीसीआर

नयी दिल्ली: मुजफ्फरपुर और कुछ अन्य स्थानों के बालिका गृहों में बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामलों को देखते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) सभी बाल गृहों (चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन) में ‘पॉक्सो ईबॉक्स’ की जानकारी की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा ताकि इस तरह की परेशानियों में घिरे बच्चे-बच्चियां सीधे आयोग से संपर्क कर सकें. आयोग का मानना है कि अगर यौन शोषण के शिकार बच्चों की मदद के मकसद से शुरू हुए पॉक्सो ईबॉक्स के बारे में बाल गृहों में रहने वाले बच्चों को जानकारी मिलेगी तो मुश्किल में होने पर वो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. एनसीपीसीआर के सदस्य (पॉक्सो एवं किशोर न्याय कानून) यशवंत जैन ने कहा, ‘हाल के समय में कुछ बाल गृहों में जो घटनाएं सामनेआयीं हैं उनको देखते हुए पॉक्सो ईबॉक्स की जानकारी इन बालगृहों के बच्चों को होना जरूरी है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कैसे बालगृहों के बच्चों को भी पॉस्को ईबॉक्स की जानकारी हो.’

उन्होंने कहा, ‘कई बार बच्चे अपनी परेशानियों के बारे में लोगों को सीधे बता नहीं पाते. बालगृहों में रहने वाले बच्चों के लिए ऐसा कर पाना और मुश्किल होता है. ऐसे में पॉक्सो ईबॉक्स की जानकारी मुश्किल पड़ने पर उनके लिए काम आ सकती है.’ आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘एक विचार यह आया है कि बालगृहों में कुछ स्थानों पर चित्र के माध्यम से पॉक्सो की जानकारी दी जाए. हम दूसरे तरीकों पर भी गौर कर रहे हैं.’ दरअसल, एनसीपीसीआर ने अगस्त, 2016 में पॉक्सो ईबॉक्स की शुरुआत की थी. यह एक ऑनलाईन सुरक्षा विंडो है जो एनसीपीसीआर की वेबसाइट पर उपलब्ध है. इसमें कार्टूनों के माध्यम से बाल यौन शोषण के विभिन्न स्वरूपों के बारे में बताया गया है ताकि इस तरह की स्थितियों से गुजर रहे बच्चे अपने साथ हो रहे अपराध के बारे में जान सकें. बच्चे इसी विंडो के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. पॉक्सो ईबॉक्स के माध्यम से शिकायत मिलने पर एनसीपीसीआर संबंधित क्षेत्र के प्रशासन की मदद से कार्रवाई सुनिश्चित कराता है.

मॉब लिंचिंग, असम एनआरसी, आरक्षण, महिला हिंसा, जीएसटी सब पर इंटरव्यू में बोले प्रधानमंत्री मोदी

मध्यप्रदेश : मूक-बधिर बच्चियों से भोपाल के छात्रावास में होता था रेप, केस दर्ज

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel