महिलाओं के खतना पर प्रतिबंध लगाने के लिए जनहित याचिका पर 16 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

नयी दिल्ली : महिलाओं के खतना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 16 जुलाई को सुनवाई होगी. गौरतलब है कि बोहरा समुदाय के कुछ सदस्य महिलाओं के खतना को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़ते हुए इसे जारी रखने के पक्ष में सुपीम कोर्ट पहुंचे हैं.... खतना को प्रतिबंधित करने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 9, 2018 5:57 PM

नयी दिल्ली : महिलाओं के खतना पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 16 जुलाई को सुनवाई होगी. गौरतलब है कि बोहरा समुदाय के कुछ सदस्य महिलाओं के खतना को धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जोड़ते हुए इसे जारी रखने के पक्ष में सुपीम कोर्ट पहुंचे हैं.

खतना को प्रतिबंधित करने से संबंधित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 16 जुलाई को सुनवाई होगी. अधिवक्ता सुनीता तिवारी ने महिलाओं के खतना पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हुए कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है, जिसके विरोध में बोहरा समुदाय के लोग कोर्ट पहुंचे हैं और इसे संविधान की अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता का मामला बताया है. 20 अप्रैल को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से पूछा था कि खतना को कैसे अपराध से अलग किया जाये इस संबंध में वह दिशा निर्देश जारी करे.

गौरतलब है कि बोहरा मुसलमान समुदाय में महिलाअं के जननांग के बाहरी हिस्से को काटकर अलग करने की परंपरा है, जिसे मानवाधिकार का उल्लंघन माना जाता है.