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अब साल में दो बार होंगी नीट व जेईई की परीक्षाएं

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नयी दिल्ली : सरकार ने पांच प्रवेश परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव किया है. नये सत्र से नीट, जेईई मेन्स, यूजीसी नेट, प्रबंधन से संबद्ध सीमैट व फार्मेसी से जुड़ी जीपैट परीक्षाओं का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी करायेगी. अब तक ये परीक्षाएं सीबीएसइ कराती थी. नये नियमों के तहत नीट व जेईई (मेन्स) की परीक्षा साल में दो बार होगी. छात्रों के पास दोनों परीक्षाओं में शामिल होने का मौका मिलेगा. सुविधा यह होगी कि दोनों परीक्षाओं के बेस्ट स्कोर के आधार पर छात्रों को प्रवेश मिलेगा.

अब साल में दो बार…
वहीं, यूजीसी नेट की परीक्षा साल में सिर्फ एक बार होगी. पांचाें प्रवेश परीक्षा कम्प्यूटर बेस्ड होंगी. मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को नयी प्रणाली का एलान करते हुए कहा कि ये परीक्षाएं चार से पांच दिनों तक चल सकती हैं.
जावड़ेकर ने कहा कि कंप्यूटर आधारित फॉर्मेट होने से नकल पर रोक लगेगी. पेपर लीक की आशंका भी खत्म हो जायेगी. कुछ परीक्षाओं में स्क्रीन शेयरिंग से पेपर लीक होने वाले सवाल का कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मॉड्यूल में ऐसा करना कठिन है.
बदलाव. पांच प्रवेश परीक्षाआें का जिम्मा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को, छात्र दोनों में ले सकते हैं हिस्सा, सर्वाधिक प्राप्तांक पर नामांकन
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी परीक्षा आयोजन के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सुधार है. इसे इस वर्ष से शुरू करने का निर्णय किया गया है. दो से तीन दिनों पूरी सूचना वेबसाइट पर डाल दी जायेगी.
प्रकाश जावडेकर, केंद्रीय मंत्री
कब-कब परीक्षा
नीट : फरवरी व मई
जेईई (मेन्स) : जनवरी व अप्रैल
नेट : दिसंबर
सभी परीक्षाएं चार से पांच दिनों तक होंगी. छात्रों के पास कोई एक तारीख चुनने का विकल्प होगा.
यहां बदलाव नहीं
पाठ्यक्रम, सवालों के फाॅर्मेट, भाषा में बदलाव नहीं
परीक्षा की फीस में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गयी
जेईई एडवांस्ड का जिम्मा आईआईटी के पास ही रहेगा
नयी सुविधाएं
पांचों परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होंगी
छात्र अधिकृत सेंटरों पर फ्री प्रैक्टिस कर सकेंगे
अधिकृत सेंटरों की सूची जल्द ही जारी होगी
हर साल छात्रों की अनुमानित संख्या
नीट
13 लाख
जेइइ मेन्स
12 लाख
यूजीसी नेट
12 लाख
सीमैट
01 लाख
जीपैट
40 हजार
नीट
देश के मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में नामांकन के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट होता है.
बदलाव : यह टेस्ट पहले साल में एक बार होता था. अब साल में दो बार फरवरी और मई में होगा. पहले यह परीक्षा सीबीएसइ कराती थी.
जेईई
आइआइटी व एनआइटी में नामांकन के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन्स होता है.
बदलाव : पहले साल में एक बार होता था. अब साल में दो बार जनवरी और अप्रैल में हाेगा. हालांकि, जेईई एडवांस्ड का जिम्मा आइआइटी के पास रहेगा और साल में एक बार ही होगा.
सहूलियत
छात्र दोनों टेस्ट में शामिल हो सकेंगे. बेस्ट स्कोर के आधार पर नामांकन मिलेगा.
छात्र मार्च में होने वाली 12वीं की परीक्षा पर ज्यादा फोकस कर पायेंगे
सरकार की यह पहल सराहनीय है. इससे इन परीक्षाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी. विद्यार्थियों को भी सुविधा होगी. राष्ट्रीय स्तर पर इस तरह की एजेंसी की आवश्यकता थी, िजससे की एक स्तर से इन सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का आयोजन हो सके. पर इसकी सफलता इस बात पर भी िनर्भर करेगी िक इसमें कैसे लोगों को रखा जाता है.
डॉ एए खान, पूर्व कुलपति, रांची िवश्वविद्यालय
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