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Home National हिसार के एक स्कूल में निकल गयी ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की हवा

हिसार के एक स्कूल में निकल गयी ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की हवा

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हिसार के एक स्कूल में निकल गयी ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” की हवा

हिसार : हरियाणा के पानीपत में आज के करीब साढ़े तीन साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिंगानुपात में समानता लाने के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की थी, आज उसी हरियाणा के हिसार के एक स्कूल में इस अभियान की हवा निकल गयी. यहां के एक सरकारी कन्या विद्यालय में कोई भी छात्रा इस साल 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पायी. स्थानीय निवासियों ने इसके लिए अहम विषयों के शिक्षकों की कमी को जिम्मेदार ठहराया.

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गांव के सरपंच धरम सिंह ने कहा कि हिसार जिले के काबरेल गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में पिछले शैक्षणिक सत्र के दौरान संस्कृत, हिंदी, विज्ञान एवं गणित का कोई शिक्षक नहीं था. स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि चार साल से हेडमास्टर का पद खाली पड़ा है. भिवानी के हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने जब पिछले महीने नतीजे घोषित किये थे, तो इस स्कूल का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था. स्कूल में पढ़ने वाली सभी 24 छात्राएं फेल हो गयीं.

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, यह जिले का एकमात्र स्कूल है, जिसका इतना खराब प्रदर्शन रहा है. गांव के सरपंच ने कहा कि छात्राओं ने कई बार स्कूल में स्टाफ की कमी की शिकायत की. गांव के निवासियों ने खराब परिणाम के लिए हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराया है. एक ग्रामीण ने मंगलवार को कहा कि एक ओर सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ ‘ कार्यक्रम पर इतना जोर देती हैश् जबकि दूसरी ओर अधिकारियों ने स्कूल में स्टाफ की कमी की समस्या को हल करने के लिए कुछ नहीं किया.

उन्होंने दावा किया कि ग्राम पंचायत ने जिला प्रशासन से कई बार मिलकर स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक मुहैया कराने की मांग की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही. उन्होंने बताया कि परीक्षा उत्तीर्ण करने में विफल रही 24 छात्राओं में से 15 ने स्कूल में फिर से दाखिला लिया है. हालांकि, इस मामले में अभी तक जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया.

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