अब इच्छुक छात्र बीटेक के बाद सीधे कर पायेंगे पीएचडी, 80 हजार की मिलेगी फेलोशिप
नयी दिल्ली : देश से प्रतिभा पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थाओं के छात्रों के लिए ‘पीएम रिसर्च फेलोशिप’ को मंजूरी दी है. यह फेलोशिप आईआईटी, आईआईएसईआर और एनआईटी के छात्रों के लिए है. यह अबतक देश में दिये जाने वाले फेलोशिप में से सर्वाधिक ‘पेड फेलोशिप’ है.... इस योजना […]
नयी दिल्ली : देश से प्रतिभा पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थाओं के छात्रों के लिए ‘पीएम रिसर्च फेलोशिप’ को मंजूरी दी है. यह फेलोशिप आईआईटी, आईआईएसईआर और एनआईटी के छात्रों के लिए है. यह अबतक देश में दिये जाने वाले फेलोशिप में से सर्वाधिक ‘पेड फेलोशिप’ है.
इस योजना के तहत बीटेक के छात्रों के लिए भी एक नयी पहल की गयी है, जिसके अंतर्गत जो छात्र पीएचडी करना चाहते हैं, वे सीधे पीएचडी कर पायेंगे. इसके लिए आईआईटी, आईआईएसईआर और एनआईटी के छात्रों को शार्टलिस्टेड किया जायेगा.
पीएमआरएफ के तहत चुने गये छात्रों को 70,000 से लेकर 80,000 रुपये मासिक फेलोशिप दी जायेगी और साथ ही दो लाख रुपये सालाना ग्रांट भी चुनिंदा स्कॉलर को दिया जायेगा. केंद्र ने 1,650 करोड़ रुपये की राशि तीन वर्ष के लिए आवंटित की है.
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा कि इस योजना की घोषणा बजट में की गयी थी और इसे कैबिनेट ने बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी. उन्होंने बताया कि पीएमआरएफ के तहत प्रतिवर्ष 1,000 स्कॉलरशिप प्रदान किये जायेंगे. इस स्कीम को 2018-19 एकेडेमिक सेशन से लागू किया जायेगा और इसके लिए न्यूनतम स्कोर 8.5 सीजीपीए होना चाहिए.
