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Home National राज्यसभा में हंगामे के बीच पेश हुआ ‘ट्रिपल तलाक ’बिल,विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित, फंसा बिल

राज्यसभा में हंगामे के बीच पेश हुआ ‘ट्रिपल तलाक ’बिल,विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित, फंसा बिल

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राज्यसभा में हंगामे के बीच पेश हुआ ‘ट्रिपल तलाक ’बिल,विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित, फंसा बिल


नयी दिल्ली :
आज दोपहर बाद कानून मंत्री रविशंकर ने राज्यसभा में ‘ट्रिपल तलाक’ बिल पेश किया. जिस वक्त बिल पेश हुआ, सदन में विपक्ष का हंगामा जारी था. रविशंकर ने कहा कि लोकसभा ने बिल को पास कर दिया, फिर भी देश में ट्रिपल तलाक की घटनाएं सामने आ रही हैं, इसलिए इस बिल का कानून बनना बहुत जरूरी है. लेकिन विपक्ष ने बिल को सलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग रखी और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने बिल को सलेक्ट कमेटी के पास भेजने के लिए नोटिस दिया. विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गयी. सदन के स्थगित होने से बिल के फंसने के आसार बढ़ गये हैं.

विपक्ष के हंगामे और कांग्रेस द्वारा नोटिस दिये जाने के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस रुख का विरोध किया और उनपर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकसभा में बिल का समर्थन करना और राज्यसभा में इसे फंसाने की कोशिश करना अनुचित है. देश की जनता सबकुछ देख रही है कि किस तरह से एक पार्टी ने पहले लोकसभा में बिल का समर्थन किया और सार्वजनिक रूप से यह बयान भी दिया कि हम बिल का समर्थन करते हैं और अब वही इस बिल को फंसाने पर तूल गयी है.

अरुण जेटली ने कहा कि इस बिल को सलेक्ट कमेटी के पास भेजने का कोई तुक नहीं है. उन्होंने कहा कि आनंद शर्मा ने जो नोटिस दिया है उसे कम से कम 24 घंटे पहले देना चाहिए. कांग्रेस के इस नोटिस से पूरा सदन अचंभित है. जेटली ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ‘ट्रिपल तलाक’ को असंवैधानिक बता दिया और छह माह के अंदर नया कानून बनाने को कहा, तो यह सदन की जिम्मेदारी है कि वह इस समय सीमा के अंदर नया कानून बनाये. सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया है.

इससे पहले आज सुबह भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने तीन तलाक विधेयक के मामले में कांग्रेस पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकसभा में इस विधेयक को समर्थन देने के बाद अब विपक्षी पार्टी राज्यसभा में इसे अटकाने का प्रयास कर रही है. भाजपा संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि सरकार इस विधेयक पर चर्चा कराना चाहती है जिसमें तीन तलाक को दंडनीय अपराध घोषित करने का प्रस्ताव किया गया है. सरकार चाहती है कि इस पर जीएसटी विधेयक जैसी आम सहमति बनायी जाये.

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बैठक के बाद संवाददाताओं को इस आशय की जानकारी दी. कुमार ने जेटली को उद्धृत करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मामले में दोहरा मानदंड प्रदर्शित कर रही है. लोकसभा में समर्थन देने के बाद कांग्रेस अब राज्यसभा में इसे अटकाने का प्रयास कर रही है. भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मौजूद थे. राज्यसभा में तीन तलाक विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को विपक्ष एवं अन्य गैर राजग दलों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी.

अनंत कुमार ने कहा कि सरकार तीन तलाक विधेयक पर कांग्रेस और अन्य दलों से बात कर रही है ताकि इसे पारित कराया जा सके. मुस्लिम महिला विवाह अधिकार सुरक्षा विधेयक पिछले सप्ताह लोकसभा में पारित हो गया था. उन्होंने कहा कि ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने वाला एक विधेयक आज लोकसभा में आना है. इस विधेयक पर पिछली बार राज्यसभा में विपक्ष अपना संशोधन पारित कराने में सफल रहा था.

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