[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National ब्रेक अप के बाद महिलाएं आपसी सहमति से बनाये गये संबंधों को बता देती हैं बलात्कार : हाइकोर्ट

ब्रेक अप के बाद महिलाएं आपसी सहमति से बनाये गये संबंधों को बता देती हैं बलात्कार : हाइकोर्ट

0
ब्रेक अप के बाद महिलाएं आपसी सहमति से बनाये गये संबंधों को बता देती हैं बलात्कार : हाइकोर्ट

नयी दिल्ली : दिल्ली हाइकोर्ट ने कहा है कि जब कोई संबंध टूटता है, तब महिलाएं आपसी सहमति से बनाये गये अपने शारीरिक संबंधों को बलात्कार की घटनाएं करार देती हैं. हाइकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में एक सरकारी अधिकारी को बरी किये जाने के निचली अदालत के फैसले को कायम रखते हुए यह कहा.

यह भी पढ़ें :पत्नी के साथ जबरन सेक्स अपराध नहीं, संसद बहस कर चुकी है : सुप्रीम कोर्ट

न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी ने 29 वर्षीय महिला की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की. महिला ने हाल ही में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का एक मामला दायर करते हुए बलात्कार के एक मामले में उसके खिलाफ अभियोजन की मांग की थी. महिला ने बलात्कार का यह मामला इस व्यक्ति से 2015 में शादी करने से पहले दर्ज कराया था. महिला ने हाइकोर्ट का रुख कर निचली अदालत के मार्च 2016 के आदेश को चुनौती दी थी. इस आदेश के तहत महिला के पति को बरी किया गया था. अदालत ने कहा कि इसने कई मामलों में कहा है कि दो लोग अपनी इच्छा और पसंद से आपसी शारीरिक संबंध बनाते हैं और जब किसी कारण से संबंध टूट जाता है, तब महिलाएं निजी प्रतिशोध के औजार के तौर पर कानून का इस्तेमाल करती हैं.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel