लखनऊः देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के महज कुछ घंटे बाकी रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी (सपा) का इस बारे में रुख स्पष्ट नहीं हुआ है. सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी जहां सपा को जीएसटी के पक्ष में बता रहे हैं, वहीं सपा के ही वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल जीएसटी को काला कानून ठहरा रहे हैं. चौधरी ने जीएसटी को लेकर सपा के रुख के बारे में पूछे जाने पर बताया कि सपा पहले ही इस कानून के पक्ष में रही है और उसने संसद में इसका समर्थन भी किया था.
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उन्होंने कहा ऐसे में सपा के जीएसटी के पक्ष में होने का रुख बिल्कुल स्पष्ट है. वहीं, सपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी एक काला कानून है और इससे देश में ईस्ट इंडिया कंपनी के काल वाले हालात फिर से पैदा हो जायेंगे. जीएसटी को लेकर संसद में आयोजित होने वाले सत्र में अपनी शिरकत की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अग्रवाल ने कहा कि वह इस बारे में ऐन वक्त पर कोई निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सपा जीएसटी का समर्थन नहीं करेगी.
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गौरतलब है कि कांग्रेस ने जीएसटी लागू करने की घोषणा के लिए 30 जून की आधी रात को बुलायी गयी संसद की विशेष बैठक में भाग नहीं लेने का फैसला किया है. पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने गुरुवार को कहा था कि कांग्रेस जीएसटी लागू करने के बारे में विशेष बैठक में भाग नहीं लेगी. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य नेताओं से मुलाकात के बाद यह निर्णय किया गया.
सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के स्वतंत्रता के समय दिये गये ‘नियति से किये गये वादे ‘ वाले ऐतिहासिक अवसर का महत्व कम नहीं करना चाहती. इसीलिए वह इस प्रकार के किसी कार्यक्रम में भाग लेने को इच्छुक नहीं है. माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी भी जीएसटी लागू करने के मामले में सरकार द्वारा जल्दबाजी दिखाये जाने को लेकर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने विपक्ष में रहने के दौरान इस प्रणाली का विरोध किया था.
