आंतरिक अशांतिः आॅपरेशन ब्लू स्टार की 33वीं बरसी पर स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तान जिंदाबाद के नारे

नयी दिल्लीः देश की सीमाआें पर आैर आंतरिक भू-भाग में शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी हाल ही में विदेशी सरजमीं से चीन की सीमा पर बीते 40 साल में एक भी गोली नहीं चलने की बात कही थी, लेकिन मंगलवार को पंजाब के अमृतसर में आॅपरेशन ब्लू स्टार की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 6, 2017 11:46 AM

नयी दिल्लीः देश की सीमाआें पर आैर आंतरिक भू-भाग में शांति व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी हाल ही में विदेशी सरजमीं से चीन की सीमा पर बीते 40 साल में एक भी गोली नहीं चलने की बात कही थी, लेकिन मंगलवार को पंजाब के अमृतसर में आॅपरेशन ब्लू स्टार की 33वीं बरसी पर आंतरिक अशांति को फैलाने में अहम भूमिका निभाने वाले खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये गये. गौरतलब है कि आज ही के दिन वर्ष 1984 को पंजाब में आतंरिक आतंकवाद को बढ़ावा देने आैर खालिस्तान की मांग करने वाले हथियारबंद आतंकियों को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से खदेड़ने के लिए आॅपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मंगलवार को खालिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाये गये हैं.

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मीडिया में आ रही खबरों में यह भी बताया जा रहा है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के 33 साल पूरे होने से पहले अमृतसर समेत पंजाब के कई भागों में सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की गयी है. सीआरपीएफ, आईटीबीपी और आरएएफ सहित अर्धसैनिक बलों की करीब 15 कंपनियां राज्य के विभिन्न हिस्सों में तैनात की गयी हैं. दअरसल, कई कट्टरपंथी संगठनों ने स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए की गयी सैन्य कार्रवाई की बरसी मनाने की घोषणा की थी.

मीडिया की खबरों के अनुसार, अमृतसर में अर्धसैनिक बलों की 7 कंपनियां तैनात की गयी हैं, जबकि शेष कंपनियां लुधियाना, जालंधर, फगवाड़ा, मोहाली, बटाला और पठानकोट तथा गुरदासपुर जिलों में चौकसी कर रही हैं. केवल अमृतसर में ही करीब 5,000 सुरक्षाकर्मियों को कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए तैनात किया गया है. सीआरपीएफ और आईटीबीपी की पांच कंपनियां और आरएएफ की दो कंपनियां यहां तैनात की गई है. कई स्थानों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है. स्वर्ण मंदिर के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई है जबकि परिसर के अंदर एसजीपीसी का कार्यबल निगरानी कर रहा है.

मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, वर्ष 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी बलवंत सिंह राजोआना ने सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों से मंगलवार को ऑपरेशन ब्लूस्टार के 33 साल होने पर शांति और सौहार्द बनाए रखने का अनुरोध किया है. यहां केंद्रीय कारागार से एक पत्र में राजोआना ने सभी सिख धार्मिक और राजनीतिक संगठनों से अपने मतभेद भुलाने और ऑपरेशन ब्लूस्टार के शहीदों को श्रद्धांजलि देने की अपील की. राजोआना के हाथ से लिखे गये दो पन्ने का पत्र को उसकी बहन कमलदीप कौर ने मीडिया को जारी किया. हत्या अपराधी ने सभी धड़ों से अकाल तख्त की पवित्रता बनाये रखने को कहा. उसने लिखा है कि हमें बस गुरबानी के जरिये सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए. नारेबाजी मत करें. बब्बर खालसा का अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी राजोआना 31 अगस्त 1995 को हुई पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या का मुख्य दोषी है.