[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home local-news नन ज्यूडिशियल स्टांप की कालाबाजारी, दो गुने दाम पर बिक रहे ₹500 और 1000 के स्टांप पेपर

नन ज्यूडिशियल स्टांप की कालाबाजारी, दो गुने दाम पर बिक रहे ₹500 और 1000 के स्टांप पेपर

0
नन ज्यूडिशियल स्टांप की कालाबाजारी, दो गुने दाम पर बिक रहे ₹500 और 1000 के स्टांप पेपर

::: पब्लिक के साथ रजिस्ट्री ऑफिस के कातिब भी परेशान; जिला अवर निबंधक ने कहा- ई-स्टांप काउंटर का करें उपयोग

::: रजिस्ट्री ऑफिस परिसर में स्टांप की कालाबाजारी का यह खेल लगातार जारी है, जिससे आम जनता की जेब कट रही है

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर के रजिस्ट्री ऑफिस (निबंधक कार्यालय) में नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर की मनमाने दाम पर बिक्री हो रही है. खासकर 500 और 1000 रुपये मूल्यवर्ग के स्टांप की बिक्री सबसे अधिक हो रही है और ये स्टांप पेपर दोगुने दाम पर मिल रहे हैं. स्टांप विक्रेताओं की इस मनमानी से आम पब्लिक के साथ कातिब (दस्तावेज लेखक) भी बेहद परेशान हैं. इस समय नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप की बिक्री इसलिए खूब हो रही है. क्योंकि, जमाबंदी कायम कराने, पारिवारिक बंटवारा सहित अन्य सभी तरह के कानूनी कार्यों के लिए न्यूनतम 1000 रुपये के स्टांप की आवश्यकता पड़ती है. कातिब संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि प्रशासन को इस पर सख्ती बरतने की आवश्यकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि मृत स्टांप विक्रेताओं के नाम पर भी स्टांप की बिक्री हो रही है. कालाबाजारी चरम पर है और पिता व दादा के नाम के स्टांप की बिक्री उनके पुत्र, पोता या बिचौलिए फर्जी हस्ताक्षर कर बेच रहे हैं. इधर, मामले की शिकायत जिला अवर निबंधक मनीष कुमार से भी की गई है. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे स्टांप विक्रेताओं को छोड़कर, रजिस्ट्री ऑफिस में खुले ई-स्टांप काउंटर से स्टांप की खरीदारी करें. उन्होंने कहा कि यहाँ उन्हें कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ेगा. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा है कि स्टांप की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel