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Buxar News: मोह माया का त्याग करना श्रेयस्कर होता है : राजन जी

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Buxar News: मोह माया का त्याग करना श्रेयस्कर होता है : राजन जी
सांकेतिक तस्वीर

सिमरी. शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर प्रखंड स्थित कालरात्रि मंदिर के प्रांगण में पूज्य श्री राजन जी महाराज द्वारा श्री राम कथा के तीसरे दिन श्री राम के चरित्र का विशेष व्याख्या करते हुए कहा कि श्रीराम आदर्श, धर्मनिष्ठता, और मर्यादा का प्रतीक हैं. मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम असुरों के संहार कर देवी देवताओं की रक्षा कर धर्म का राज्य स्थापित किए. उनका जीवन सत्य, न्याय, करुणा और त्याग का प्रतीक है, जो मनुष्यों को आदर्श संबंध निभाने, कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने और नैतिक जीवन जीने की प्रेरणा देता है. राम अपने गुणों जैसे धैर्य, शौर्य, विनम्रता, और मित्रता के लिए प्रशंसित हैं, और उन्होंने हमेशा धर्म के मार्ग पर चलकर अधर्म का विनाश किया. उन्होंने अपने पिता दशरथ का आज्ञापालन किया, अपने भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के प्रति प्रेम और समर्पण का मिशाल पेश किया. राम ने अपने जीवन मे ऐश्वर्य, सुख का त्याग कर वनवास स्वीकार किया, और उनका हृदय सभी जीवों के प्रति दया से परिपूर्ण था.अपने कुशल नेतृत्व क्षमता के बदौलत वानर-भालुओं जैसी लोक शक्ति को संगठित कर रावण जैसी आसुरी शक्ति का अंत किया. उन्होंने हनुमान, सुग्रीव, केवट, विभीषण जैसे व्यक्तियों के साथ सच्ची मित्रता निभाई और संकट में उनका साथ दिया. बच्चों को प्रभु श्री राम का जीवन एवं चरित्र के कथा सुनाना चाहिए. श्री राम कथा का अनुश्रवण करने वाले को हमेशा सुख, शांति एवं यश की प्राप्ति होती है. आगे श्री राजन जी महाराज ने बताया कि मुख्य रूप से तीन हनुमान गढ़ी है एक अयोध्या में हनुमान गढ़ी है जो हनुमान जी मां अंजना माता के गोद में विराजमान हैं. लोगों को अपने असीम कामना का त्याग कर सीमित साधनों मे गुजर बसर करने की सिख लेनी चाहिए. मनुष्य को मोह-माया का त्याग कर देना चाहिए.क्योकि मोह माया जीवन को अशांत कर देता है.बताया की शंकरजी कहते हैं की सगुण व निर्गुण मे कोई अंतर नही होता.भगवान का कोई आकार नही होता है. कथा के सफल संचालन मे मां काली सेवा समिति के सदस्यों के साथ साथ अम्पु राय, राकेश राय, उपेन्द्र राय, सोनू राय, मनोज राय, अजय राय, सहित अन्य ग्रामीणों का योगदान अहम है.

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