[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home local-news Motihari : जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया बनी ग्रामीणों के लिए सिरदर्द

Motihari : जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया बनी ग्रामीणों के लिए सिरदर्द

0
Motihari : जन्म प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया बनी ग्रामीणों के लिए सिरदर्द

– मई माह तक सदर प्रखंड से निर्गत है 928 प्रमाण पत्र

मोतिहारी.

जिले के सदर प्रखंड में जन्म प्रमाण पत्र बनवाना ग्रामीणों के लिए सिरदर्द बन गया है. ग्रामीणों का कहना है कि एक सामान्य जन्म प्रमाण पत्र निर्गत कराने में महीनों लग जाते हैं और बार-बार पंचायत कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. वित्तीय वर्ष 2025 में मई माह तक सदर प्रखंड मोतिहारी ग्रामीण क्षेत्र में कुल 928 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 489 पुरुष और 439 महिला शामिल हैं. यह आंकड़ा Bihar e-Statistics Birth Report के अनुसार है. हालांकि मई के बाद सितम्बर तक का कोई जन्म प्रमाण निर्गत नहीं हुआ है, विभागीय साइट पर उपल्बध आंकड़ाे के अनुसार. ग्रामीणों का कहना है कि कार्यपालक सहायक और पंचायत सचिव जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देते हैं. कभी पंचायत सचिव से हस्ताक्षर कराने को कहा जाता है तो कभी मुखिया, वार्ड सदस्य या आंगनबाड़ी सेविका से सिग्नेचर की मांग की जाती है. अगर इनमें से कोई एक पूरा हो जाए तो दूसरे की कमी निकाल दी जाती है, जिससे आमजन को बार-बार दौड़ना पड़ता है. ऐसा क्यों किया जाता है जांच का विषय है.मधुबनी घाट पंचायत से भी ऐसे मामले सामने आए हैं. पंचायत सचिव अमित कुमार ने कहा प्रयास किया जा रहा है कि जन्म प्रमाण पत्र शीघ्र निर्गत हो. कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel