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इस्तिस्का की नमाज अदा कर अल्लाह से मांगी बारिश की दुआ

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इस्तिस्का की नमाज अदा कर अल्लाह से मांगी बारिश की दुआ

सिंहवाड़ा. अनावृष्टि के कारण सुखाड़ की स्थिति बन गयी है. पेयजल के लिए हाहाकार मच गया है. इंसान क्या पशु-पक्षी तक इससे परेशान हैं. लोग अपने-अपने ईश से बारिश देने की दुआ मांग रहे हैं. इस कड़ी में बुधवार को भरवाड़ा इदगाह में इस्तिस्का की नमाज अदा की गयी. इस दौरान अल्लाह ताला से जल्द बारिश देने की दुआ मांगी गयी. मौके पर तकरीर में शंकरपुर मदरसा इस्लामिया के शिक्षक अबू बकर सिद्दीकी ने कहा कि बारिश नहीं होने व भीषण गरमी से आमजन से लेकर पशु-पक्षी सब परेशान है. इस कारण पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. अल्लाह ताला की बारगाह में दुआ मांगना सुन्नत है. उन्होंने कहा कि इस्तिस्का की नमाज विशेष रूप से सूर्योदय के बाद किसी खुले स्थान या फिर मस्जिद के अंदर अदा की जाती है. दो रकअत नमाज के पहले अजान या इकामत नहीं होता है. इस्तिस्का वक्त अहले सुबह सूर्योदय से 15-20 मिनट बाद शुरू होता है और दिन के एक चौथाई वक्त तक रहता है. मौलाना सईद ने कहा कि आधुनिक युग में इंसान कुदरत के नायाब पेड़-पौधे को खत्म कर रहा है. इसका असर हमारी जिन्दगी पर लगातार देखने को मिल रहा है. उन्होंने लोगों से पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंने कहा कि जीवन अनमोल है. सभी लोग अल्लाह से बारिश के लिए दुआ करें. मौके पर मौलाना सोहैल मौलाना मुस्तफा, अनवर अहमद, कारी रजाउल्लाह, डॉ आमिर शकरपुरी, डॉ मुन्तजिर अहमद प्यारे, अहमद अली तमन्ने, इजहार अहमद, इरशाद आलम, लाल मोहम्मद, नाजीश खान, बारिक खान, ताज अहमद, शमीम खान, हाजी अहमद अली, मो. हाशिम सहित दर्जनों अकीदतमंदों ने इस्तिस्का की नमाज में शामिल होकर बारिश व आपदा से बचाव की दुआ मांगी.

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