प्रतिनिधि, कुंडहित. नापितपाड़ा गौरांग मंदिर प्रांगण में आयोजित 24 पहर हरिनाम संकीर्तन कुंजविलास गान के साथ संपन्न हो गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. कार्यक्रम में बीरभूम जिले के मयनाडाल निवासी कीर्तनाचार्य संतोष मुखर्जी ने अपने मधुर कंठ से कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. उन्होंने कहा कि कलयुग में जीवन के उद्धार का सबसे सरल और प्रभावी साधन हरि नाम संकीर्तन है. उन्होंने लोगों से धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा स्वयं हरिनाम का श्रवण करने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया. कहा कि मानव जीवन अल्पकालिक है, इसलिए समय रहते भजन-कीर्तन और प्रभु स्मरण में मन लगाना चाहिए, जिससे जीवन सार्थक बन सके. संकीर्तन समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया. मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरी मंडल उपस्थित थे.