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Home लाइफस्टाइल भारतीयों पर बेअसर होने लगी है एंटीबायोटिक, लगातार इस्तेमाल से शरीर पर दवा का असर होना हुआ बंद

भारतीयों पर बेअसर होने लगी है एंटीबायोटिक, लगातार इस्तेमाल से शरीर पर दवा का असर होना हुआ बंद

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भारतीयों पर बेअसर होने लगी है एंटीबायोटिक, लगातार इस्तेमाल से शरीर पर दवा का असर होना हुआ बंद
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की तरफ से किये गये एक सर्वेक्षण में पता चला है कि स्वस्थ भारतीयों पर अब एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो रही हैं.
अध्ययन में पता चला है कि तीन में से दो स्वस्थ भारतीयों पर इन दवाओं का कोई असर नहीं हो रहा है. स्टडी से पता चलता है कि भारतीयों ने अधिक मात्रा में एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया है और अब शरीर पर उसका असर पड़ना बंद हो गया है.
स्टडी के मुताबिक ज्यादातर भारतीयों के डाइजेस्टिव ट्रैक्ट में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंट ऑर्गनिज्म मौजूद हैं, जिनके कारण एंटीबायोटिक दवाइयां बेअसर होने लगी हैं. इस स्टडी में 207 लोगों के स्टूल सैंपल का एनालिसिस किया गया था, जिन्होंने कम से कम एक महीने पहले तक कोई एंटीबायोटिक नहीं ली थी और न ही किसी लंबी बीमारी से पीड़ित हुए थे. सबसे ज्यादा प्रतिरोध आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली दो एंटीबायोटिक्स ‘सिफालोस्फोरिंस (60%)’ और ‘फ्लोरोक्वीनोलोन्स (41.5%)’ के लिए पाया गया. एंटीबायोटिक दवाओं का बेअसर होना भारत के लिए चिंता की बात है.
इसके कारण खासकर टीबी, चाइल्डहुड सेप्सिस और मलेरिया जैसी बीमारियों का इलाज मुश्किल हो रहा है. पीजीआइ चंडीगढ़ में माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर और इस स्टडी को लीड करने वाले डॉ पल्लब रे ने बताया कि ये नतीजे चौंकाने वाले हैं और इसे चेतावनी के तौर पर लिया जाना चाहिए.
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट
67% भारतीयों पर एंटीबायोटिक दवाएं रहीं बेअसर
02% लोग ही ऐसे पाये गये जिन पर एंटीबायोटिक का हुआ असर
भविष्य में होने वाली है बहुत बड़ी दिक्कत
एंटीबायोटिक अगर स्वस्थ लोगों पर बेअसर होगी तो भविष्य में उनके इंफेक्शन आदि के इलाज में काफी दिक्कत आयेगी. ऐसे कई कारण हैं, जिसके चलते ये परिणाम आ रहे हैं. इसका एक प्रमुख कारण है सामान्य बीमारियों में भी एंटीबायोटिक का अधिक इस्तेमाल होना. हालात ये हैं कि सर्दी और जुकाम जैसी बीमारियों में भी एंटीबायोटिक का इस्तेमाल किया जाता है.
एंटीबायोटिक जिस तरीके से इस्तेमाल किया गया है, उसका असर शरीर पर बेहद गलत पड़ा है. एंटीबायोटिक के इस्तेमाल को लेकर भारतीय यदि सजग नहीं हुए तो यह स्तर और बढ़ भी सकता है.
डॉक्टर पल्लब रे, रिसर्च के लीड डॉक्टर, पीजीआइ, चंडीगढ़
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